
पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों का करोड़ों बकाया, जिले में सड़कों का काम ठप
नागौर। राज्य सरकार ने प्रदेश में न केवल सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से बनाई जाने वाली सड़कों के कामों पर रोक लगाई है, बल्कि पिछली सरकार के समय किए गए कामों का भुगतान भी अटका दिया है। अकेले नागौर जिले में ठेकेदारों के 80 करोड़ से अधिक रुपए का भुगतान बकाया है, जबकि प्रदेश भर में यह राशि 1500 करोड़ के करीब है। पिछले करीब 11 महीनों से ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने से एक ओर जहां उनकी आर्थिक स्थिति खराब हुई है, वहीं जिले में कई सड़कों की स्थिति खस्ताहाल है।
इस बार अधिक बारिश होने से कई जगहों पर सड़कें उधड़ चुकी हैं। उधर, लम्बे समय से भुगतान की मांग कर रहे पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार अब जिला मुख्यालयों की बजाय राजधानी जयपुर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित ठेकेदारों के धरने के बाद यदि सरकार से सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो ठेकेदार अनशन भी कर सकते हैं। आपको बतादें कि बकाया भुगतान की मांग को लेकर पिछले फरवरी महीने में ठेकेदारों ने जिला मुख्यालय पर काफी दिन तक धरना देकर अपना विरोध जताया था।
-इसलिए बनी यह स्थिति
चुनावी वर्ष में चार गुना टेंडर
1000 करोड़ का काम था करवाना
सत्ता परिवर्तन के बाद खजाना खाली
मार्च में आदेश के बाद काम बंद
ठेकेदारों का कहना है कि सरकार बदलने के बाद केवल वही काम हुए जो ठेकेदारों ने अपने स्तर पर किए। वहीं, सूत्रों का कहना है कि सरकार की वित्तीय स्थिति काफी कमजोर है। केवल पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों का ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों का भी भुगतान लम्बे समय से अटका हुआ है। ऐसे में सवाल ये है कि भले ही सत्ता में परिवर्तन हुआ है लेकिन इसका सीधा खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
Published on:
16 Sept 2019 10:27 pm
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