
Radhashtami 2022: आठ सखियों के साथ विराजित है राधेरानी, जयपुर में आज भी होती है राधाजी के बाल स्वरूप की पूजा
Radhashtami जयपुर। बरसाने में ही नहीं, जयपुर में भी राधेरानी का मंदिर है। रामगंज बाजार स्थित मंदिरश्री लाडलीजी में राधारानी अपनी आठ सखियों के साथ विराजित है, जिनकी आज भी बाल स्वरूप में पूजा होती है। राधा अष्टमी पर राधाजी के चरणों के यहां दर्शन होते है। वहीं भानोत्सव की परंपरा भी साकार होती है, इसमें उछाल लुटाई जाती है।
पुजारी संजय गोस्वामी ने बताया कि मंदिश्री लाडलीजी जयपुर स्थापना के समय का बना हुआ है। मंदिर बने 250 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। यहां राधेरानी के बाल स्वरूप की सेवा होती है। राधेरानी के साथ मंदिर में उनकी आठ सखियां चित्रा, चंपकलता, ललिता, विशाखा, इंदूलेखा, तुगविद्या, रंगदेवी और सुदेवी भी विराजमान है। राधा अष्टमी पर आज भी राधेरानी के चरणों के दर्शन होते है, वहीं पालना झांकी सजाई जाती है। राधे रानी के चरण दर्शन इस बार 8 सितंबर तक रोजाना सुबह धूप झांकी में होंगे। धूप झांकी सुबह 8.30 बजे से 11 बजे तक होगी। राधेरानी को पालने में झुलाया जाता है। वहीं मक्खन, दूध, खीर, रबडी का भोग लगाया जाता है।
आज सुबह से आयोजन
मंदिरश्री लाडलीजी में राधा अष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। सुबह राधाजी का जन्माभिषेक किया गया। इसके बाद धूप आरती कर चरण दर्शन कराए गए। शृंगार आरती में पालकी झांकी सजाई गई। दोपहर में बधाई, उछाल आदि के आयोजन हुए, इस बीच झूलो पलना अति सुकुमार... जैसे समाज पदगायन किए गए। शाम को पालना झांकी के दर्शन के साथ बधाईगान व संगीत समारोह होगा।
Published on:
04 Sept 2022 04:28 pm
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