12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rahu Ketu Rashi Parivartan 2023: 18 माह बाद राहू व केतु का राशि परिवर्तन, खत्म होगा गुरु चांडाल योग, इन राशि के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत

Rahu Ketu Rashi Parivartan 2023: 18 माह बाद आज राहू व केतु का राशि परिवर्तन हो रहा है। मेष राशि से निकलकर राहु ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि तुला से निकलकर केतु ग्रह कन्या राशि में आएंगे। दोनों ग्रह शाम 5 बजकर 34 मिनट पर राशि परिवतर्न करेंगे।

2 min read
Google source verification
Rahu Ketu Rashi Parivartan 2023: 18 माह बाद राहू व केतु का राशि परिवर्तन, खत्म होगा गुरु चांडाल योग, इन राशि के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत

Rahu Ketu Rashi Parivartan 2023: 18 माह बाद राहू व केतु का राशि परिवर्तन, खत्म होगा गुरु चांडाल योग, इन राशि के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत

जयपुर। 18 माह बाद आज राहू व केतु का राशि परिवर्तन हो रहा है। मेष राशि से निकलकर राहु ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि तुला से निकलकर केतु ग्रह कन्या राशि में आएंगे। दोनों ग्रह शाम 5 बजकर 34 मिनट पर राशि परिवतर्न करेंगे। अब ये दोनों ग्रह मई 2025 तक इन राशियों में रहेंगे।

पं. बंशीधर पंचांग के ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि मीन राशि का राहू होने और केतु के भी राशि परिवर्तन करने से वृषभ, तुला व मकर राशि के जातकों के लिए श्रेष्ठ फलदायक साबित होगा, जबकि मीन, मेष, कर्क, वृश्चिक व धनु आदि राशियों के जातकों के लिए साधारण या मध्यम फलदायक रहेगा। हालांकि मीन, सिंह व मेष राशि के जातकों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है, इन राशि के जातकों को शनि की आराधना करना चाहिए, तेल व काले कपड़े का दान करना चाहिए।

उल्टी चाल से चलते हुए बदलते हैं राशि
सम्राट पंचांग के ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार शनिदेव के बाद राहु-केतु सबसे ज्यादा दिनों तक किसी एक राशि में विराजमान रहते हैं। शनि जहां ढाई साल के बाद राशि परिवर्तन करते हैं, तो वहीं राहु-केतु 18 महीनों के बाद उल्टी चाल से चलते हुए राशि बदलते हैं। ज्योतिष में इन्हें छाया ग्रह कहा गया है। इन्हीं दोनों ग्रहों के कारण कुंडली में कालसर्प दोष, पितृ दोष, गुरु चांडाल योग, अंगारक योग आदि बनते हैं। जिसका व्यक्ति के जीवन पर बहुत शुभ—अशुभ प्रभाव पड़ता है।

यूं बना गुरु चांडाल योग
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष के अनुसार ग्रह जब भी गोचर होता है तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। लेकिन राहु-केतु के गोचर से मेष राशि वाले लोगों को विशेष राहत मिलेगी, क्योंकि इस गोचर से मेष राशि में चल रहे गुरु चांडाल योग का प्रभाव खत्म हो जाएगा। मेष राशि में गुरु और राहु दोनों के होने से गुरु चांडाल योग का निर्माण हुआ है।

यह भी पढ़ें: कार्तिक स्नान शुरू, 12 घंटे करिए राधा-दामोदरजी के दर्शन, गोविंददेवजी के हो रही एक घंटा मंगला झांकी

देश-दुनिया में ये असर
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि राहु-केतु के गोचर से कई तरह के प्राकृतिक उथल-पुथल होने की संभावना रहती है। पृथ्वी पर गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है, और वर्षा भी कम होती है। देश-दुनिया में राजनीति अपने चरम पर होती है। एक-दूसरे देशों में तनाव काफी बढ़ जाता है। राजनीति के क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जनता को त्वचा रोगों का सामना करना पड़ सकता है। किसानों की फसलों पर टिड्डियों और अन्य कीटों का आक्रमण हो सकता है। खाने-पीने की वस्तुंओं की कमी तथा उनकी कीमतों में वृद्धि होने के आसार रहते है।