
त्योहारी सीजन में शुरू होते ही ट्रेनों (Train) की ई-टिकट (ETicket) बुकिंग में कालाबाजारी शुरू हो गई है। एजेंट अब तत्काल (Tatkal Ticket) श्रेणी की बुकिंग (Booking) में सेंध लगा रहे हैं। वे व्यक्तिगत आइडी से टिकट बनाकर यात्रियों (Passenger) के सफर को संकट में डाल रहे हैं दरअसल, ट्रेनों में बढ़े यात्रीभार से ट्रेनें फुल चल रहीं हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में तत्काल श्रेणी की सीटें तुरंत फुल हो रही है। इस स्थिति में कंफर्म टिकट (Confirm Ticket) के चक्कर में एजेंट यात्रियों को गुमराह करते हुए तत्काल श्रेणी के टिकट व्यक्तिगत आइडी से बुक करके थमा रहे हैं, जो पूर्णत: अवैध है।
देना पड़ा जुर्माना...
बांदीकुई निवासी शंकर ने बताया कि उन्होंने एजेंट से एक माह पूर्व बांदीकुई से लखनऊ की स्लीपर श्रेणी की टिकट बुक कराई थी। उसी वक्त सीट कंफर्म हो गई थी। 9 सितम्बर को ट्रेन में चढ़े तो उनकी सीटों पर अन्य यात्री बैठे थे। उनसे सीट छोड़ने को कहा तो, उन्होंने भी कंफर्म टिकट दिखाई। टीटीई से पता चला कि, उनकी टिकट रेलवे ने रद्द कर दी। बिना टिकट मानकर टीटीइ ने उनसे जुर्माना भी वसूला।
यात्री की जगह दलाल का नंबर
चौंकाने वाली बात यह है कि टिकट बुक करते वक्त ज्यादातर एजेंट यात्री के मोबाइल नंबर की बजाय खुद का नंबर डाल रहे हैं। ऐसे में पकड़े जाने पर टिकट रद्द होने की सूचना भी यात्री तक नहीं पहुंचती है। ट्रेन में चढ़ने के बाद उन्हें टीटीई से इसकी जानकारी मिल रही है और बिना टिकट मानकर टीटीई भी उनसे जुर्माना वसूल रहे हैं। इससे कई बार विवाद की स्थिति भी सामने आई है।
IRCTC सूची भेज करवा रहा पड़ताल
ऐसे लोगों की सूची आइआरसीटीसी आरपीएफ को भेजकर पड़ताल करवा रहा है। मामले में सत्यता पाए जाने पर रेलवे एजेेंट की ओर से बुक की गई टिकट रद्द कर रहा है। जिससे यात्री को सफर में दिक्कत होती है।
जयपुर में हर माह 5 से 10 मामले
उत्तर पश्चिम रेलवे चारों जोन में जांच कर रहा है। जयपुर मंडल में हर माह 5 से 10 ऐसे मामले सामने आते है। हालांकि कुछ मामले गलत भी पाए जाते हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दलालों से टिकट बुक कराना गलत है।
Published on:
12 Sept 2022 04:40 pm
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