
जयपुर. अगर आप रेल के जरिए पार्सल भेज रहे हैं, या फिर मंगवा रहे हैं तो आपको लंबा इंतजार करना पड़ेगा। जयपुर जंक्शन पर इन दिनों रेलवे को पार्सल भेजने में ही मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थिति है कि दो दिन में जाने वाला पार्सल इन दिनों 20 दिन में भी नहीं जा रहा है। आलम यह है कि रेलवे जंक्शन पर पार्सल घर में पार्सलों के ढेर लगे हुए हैं। इस बीच लोग अपने पार्सल को समय से पहुंचाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में मजबूरन उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। इधर रेलवे की नई व्यवस्था से हो रही अव्यवस्था रेलवे कर्मचारियों को भी परेशान कर रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि रेलगाडिय़ों में एलएचबी कोच लगाए गए है।
इनमें यात्री सुविधा के कई संसाधन तो मौजूद है, लेकिन इस कोच में लगेज रखने की क्षमता केवल कम कर दी गई है। नए कोच में चार टन लगेज ही जा रहा है। जबकि पुराने (एसएलआर ) कोच में लगेज क्षमता 16 टन थी। ऐसे में ट्रेनों में कम लगेज जाने से परेशानी हो रही है।
असर : मुंबई, गुहावाटी, कोलकत्ता नहीं पहुंच रहा लगेज
लगेज क्षमता कम होने से बड़ा असर यह हो रहा है कि जयपुर से मुंबई, गुहावाटी, हावड़ा, बेंगलुरु,हैदराबाद, पुरी समेत कई शहरों में जाने वाली रेलगाडिय़ों में पूरा सामान जा नहीं पा रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लंबी दूरी के लिए संचालित होने वाली रेलगाडिय़ों में ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई बार उनमें जगह नहीं मिल रही पाती है। हावड़ा सुपरफास्ट, मुंबई सुपरफास्ट में हालात सबसे ज्यादा खराब है। गोहावाटी समेत कई साप्ताहिक रेलगाडिय़ों में दो-तीन सप्ताह से लगेज नहीं जा रहा है। ऐसी मुसीबत के बीच अब लगेज भी कम आ रहा है।
दिव्यांगों के लिए भी मुसीबत, बोगी हटाई
-इधर, सामने आया कि एलएचबी कोच लगने से कई रेलगाडिय़ों में लगी दिव्यांगों की बोगी हटा ली गई है। जिससे उन्हें दिव्यांगों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भीड़ में परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि अधिकारी इसकी पुष्टी करने से बच रहे हैं।
डॉग बॉक्स हटाए, निराश लौट रहे लोग
एलएचबी कोच वाली रेलगाडिय़ों में पालतु पशु-पक्षियों को ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। क्योंकि नए एलएचबी कोच में डॉग बॉक्स की सुविधा नहीं दी गई है। इससे लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है। पार्सल कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि आए दिन 5-7 लोग आते रहते हंै। हालांकि पुराने कोच वाली रेलगाडिय़ों में ले जाने की सुविधा है। इन्हें गार्ड के बिन में बने स्पेशल बॉक्स में रखा जाता है। बता दें पशु-पक्षियों के ले जाने के लिए लगेज की रसीद बनवानी पड़ती है। रेलवे इसे लाइव स्टॉक के रुप में गिनता है।
खास-खास
-26 रेलगाडिय़ों में करीब जयपुर से प्रतिदिन 50 से 60 टन तक माल जाता है।
- 02 लगेज बॉक्स में 8-8 टन सामान माल भेजा जाता था, जबकि एलएचबी में 4-4 टन माल भेजते है।
- रेलवे ने कई रेलगाडिय़ों के लगेज बॉक्स निजी तौर पर लीज पर दे दिए। जिससे आमजन के लिए लगेज के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिल पाता है। इस वजह से आमजन के सामान को निकलने से पहुंचने में काफी वक्त लगता है।
यह सामान जाता है लगेज में
- मोटर साइकिल
-साइकिल
-खानपान की वस्तुएं।
-घरेलू सामान
- कपड़े, फनीर्चर
- फल
-पार्सल
-स्टेशनरी आदि।
Published on:
04 Jan 2020 02:19 pm
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