
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan Urban Bodies : राजस्थान में नवगठित नगरीय निकायों के मास्टर प्लान अब तैयार होंगे। इनमें 115 नए नगरीय निकाय हैं, जिनके मास्टर प्लान चरणबद्ध रूप से बनाए जाएंगे। पहले चरण में 49 निकायों से शुरुआत की जाएगी, जिनका प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है।
अब राजस्थान सरकार यह तय करेगी कि 115 में से कौन से 49 नगरीय निकायों को पहले चरण में शामिल किया जाए। इन चयनित निकायों के मास्टर प्लान एक साल के भीतर तैयार किए जाएंगे।
मुख्य नगर नियोजक विभाग इस काम को लेकर दोहरी तैयारी कर रहा है। एक ओर विभाग अपने स्तर पर मास्टर प्लान तैयार करेगा, वहीं दूसरी ओर कुछ काम निजी कंपनियों को ठेके पर देने की योजना है। हालांकि, इसे लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
जानकारों का कहना है कि जब विभाग के पास नगर नियोजकों की पर्याप्त टीम मौजूद है, तो फिर निजी कंपनियों को यह काम क्यों सौंपा जा रहा है। राजस्थान पत्रिका ने नवगठित नगरीय निकायों के मास्टर प्लान नहीं बनने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। कोर्ट कई बार आदेश दे चुका है कि हर शहर का मास्टर प्लान बनेगा और तय समय सीमा में लागू कर उसी अनुरूप काम करेंगे।
1- मास्टर प्लान शहर के विकास का पॉलिसी दस्तावेज है। इसमें पूरे शहर का विकास का वृहद प्लान शामिल है। मसलन, शहर के किस इलाके में भू-उपयोग आवासीय, संस्थानिक, कॉमर्शियल होगा।
2- रोड नेटवर्क से लेकर परिवहन, मनोरंजन, आवास से जुड़ा खाका खींचा जाता है।
3- जन सुविधा के लिए जगह आरक्षित की जाती है। इकोलॉजिकल, हरियाली और पहाड़ी क्षेत्र के संरक्षण के लिए भी जगह चिन्हित होती है।
मास्टर प्लान नहीं बनने से अवसर और नेताओं के लिए अपने मन-मुताबिक काम करने की गली खुली हुई है। हर सरकार में मास्टर प्लान बिगड़ता रहा है। इसके जिम्मेदारों को खोजा तक नहीं गया। यहां तक की एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में जोनल प्लान बनाने की अनिवार्यता तक हटा दी गई है। कई ऐसे शहर भी हैं जिनके मास्टर प्लान की अवधि समाप्त हो चुकी है लेकिन उनकी समय-सीमा बढ़ाई जाती रही है।
Updated on:
08 Jan 2026 08:10 am
Published on:
08 Jan 2026 08:09 am
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