28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की अनोखी पहल, पेड़ों को मिला सैनिकों जैसा सम्मान, जानें

नांगल जैसा बोहरा क्षेत्र के लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति को जोड़ते हुए एक अनोखी मुहिम शुरू की है। जीवन की रक्षा के प्रतीक पेड़ों को अब सैनिकों का दर्जा दिया जा रहा है।

2 min read
Google source verification

पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति को लेकर मुहिम, पत्रिका फोटो

Jaipur: नांगल जैसा बोहरा क्षेत्र के लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति को जोड़ते हुए एक अनोखी मुहिम शुरू की है। जीवन की रक्षा के प्रतीक पेड़ों को अब सैनिकों का दर्जा दिया जा रहा है। इसी भावना के साथ माधव जन कल्याण मंच के तत्वावधान में शिव विहार कॉलोनी में ‘वृक्ष कथा-ऑपरेशन सिंदूर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संत प्रकाशदास महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस आयोजन में सैकड़ों लोग शामिल हुए। संत ने अपने भजनों और देशभक्ति गीतों के माध्यम से वातावरण को राष्ट्रप्रेम और पर्यावरण चेतना से भर दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। धन और संसाधन सब वृक्षों पर ही निर्भर हैं। ऐसे आयोजनों से जनचेतना का विस्तार होता है।

‘वृक्ष कथा’ के माध्यम से वृक्षों की उपयोगिता

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पर्यावरण गतिविधि के प्रांत पर्यावरण प्रमुख अशोक कुमार शर्मा ने ‘वृक्ष कथा’ के माध्यम से वृक्षों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण की रक्षा करते हैं, बल्कि वे राष्ट्र की रक्षा में भी अप्रत्यक्ष सहयोगी हैं। जैसे सैनिक सीमाओं पर हमारी रक्षा करते हैं, वैसे ही वृक्ष जलवायु और जीवन की रक्षा करते हैं।

सैनिकों की वर्दी का हरा रंग भी वृक्षों से प्रेरित है। इस नज़रिए से वृक्ष भी हमारे सैनिक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पेड़ लगाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उन्हें कटने से बचाना। सरकार हर साल करोड़ों पेड़ लगाती है, लेकिन लाखों पेड़ कट भी जाते हैं। हमें इस असंतुलन को रोकना होगा।

स्थानीय लोग बने मुहिम का हिस्सा

इस अनूठी पहल को स्थानीय नागरिकों ने खूब सराहा और संकल्प लिया कि वे वृक्ष संरक्षण और राष्ट्र सेवा के इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। कार्यक्रम के आयोजक बनवारी लाल सैनी ने बताया कि इस मौके पर देश के 51 वीर सैनिकों को ‘सिंदूर’ का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। सैनिक इन पौधों को अपने घरों में रोपित करेंगे, जिससे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्मृति जीवित रहे और इस भावनात्मक पहल को ऊर्जा मिलती रहे।

Story Loader