
kalraj mishra
जयपुर। 15वीं विधानसभा के छठे सत्र के तीसरे चरण में गुरूवार को ही सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि संशोधन विधेयक 2020 को पुनर्विचार करने के लिए विधानसभा को लौटाने की जानकारी सदन को दी।
राज्यपाल कलराज मिश्र ने आर्टिकल 200 के तहत अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधेयक को राजस्थान विधानसभा को पुनर्विचार के लिए भेजा है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा को भेजे अपने संदेश में कहा है कि 'राजस्थान एडवोकेट वेलफेयर फंड संशोधन विधेयक 2020 'राजस्थान विधानसभा से 7 मार्च 2020 को पास किया गया है और मार्च 24 को मेरी स्वीकृति के लिए राजभवन भेजा गया था, लेकिन इस बिल में कई तरह की आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान और विभिन्न डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने इस बिल को लेकर कई आपत्ति दर्ज कराई हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नए वकीलों की लाइफ टाइम सब्सक्रिप्शन फीस 17,500 से बढ़ाकर 30 हजार करने का फैसला लिया है, लेकिन राजस्थान विधानसभा से पास हुए इस बिल के जरिए राजस्थान सरकार ने नए वकीलों को लाइव टाइम सब्सक्रिप्शन के लिए एक लाख और स्टाम्प फीस 25 से बढ़ाकर 50 कर दी है।
मिश्र ने अपने संदेश में कहा कि नए वकीलों का लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन के तौर पर एक लाख देना मुमकिन नहीं है और इससे न्याय भी महंगा होगा। इस विधेयक में बदलाव विधानसभा में ही हो सकता है। इसीलिए मैं इस विधेयक को पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटा रहा हूं।
Published on:
09 Sept 2021 09:55 pm
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