
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : राजस्थान के शहरों में अब मास्टर प्लान के साथ सेक्टर प्लान और जोनल प्लान भी तैयार किए जाएंगे, ताकि शहरी विकास योजनाएं तय समय पर लागू हों और अव्यवस्थित विस्तार पर प्रभावी रोक लग सके। वहीं, गोविन्ददेवजी मंदिर का विकास महाकाल मंदिर की तर्ज पर किया जाएगा। अशोक गहलोत सरकार के आखिरी बजट (2023-24) में यह घोषणा की गई थी लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया था। अब इस दिशा में कार्य आगे बढ़ सकेगा।
नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवगठित 115 शहरों के मास्टर प्लान बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिनमें से 19 शहरों के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है। नए मास्टर प्लान जीआइएस आधारित होंगे। नगरीय विकास एवं आवासन विभाग तथा स्वायत्त शासन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा बुधवार को शुरू हुई, जबकि बजट गुरुवार रात 12:07 बजे पारित हुआ।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पट्टा अभियान पर सवाल उठाते हुए चुनौती दी कि, उन्हें एक भी ऐसा गरीब बता दें जिसे 501 रुपए में पट्टा दिया हो। सच तो यह है कि पट्टा देने के लिए कम से कम 50 हजार रुपए लिए गए।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि आइपीडी टावर निर्माण में मध्यप्रदेश से पत्थर मंगाने, मास्टर प्लान बनाने में गंभीरता नहीं दिखाने, जेडीए में भर्ती नहीं करने, द्रव्यवती नदी का बकाया भुगतान छोड़कर चले जाने पर भी धारीवाल पर निशाना साधा।
Updated on:
26 Feb 2026 09:05 am
Published on:
26 Feb 2026 07:49 am
