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जयपुर। राज्य विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान आज कई सवालों पर गहलोत सरकार के मंत्री घिर गए और वे सही तरीके से जवाब नहीं दे पाए। स्पीकर सीपी जोशी ने बीच में हस्तक्षेप भी किया और स्थिति को भी संभाला। विपक्ष और सत्ता पक्ष के समर्थक विधायक मंत्रियों के जवाब से असंतुष्ट दिखे। एक बारगी तो स्पीकर ने विपक्षी विधायक को यह सलाह भी दे दी कि यदि मंत्री गलत जानकारी दे रहे हैं तो उनके खिलाफ विशेषाधिकार का प्रस्ताव ला सकते है।
इससे पहले सदन की कार्यवाही आज प्रश्न काल के साथ सुबह 11 बजे शुरू हुई। एक घंटे के इस सत्र के दौरान स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने काफी सवालों के जवाब दिलवा दिए। जोशी के कड़े अनुशासित रवैये के चलते विधायक ज्यादा सवाल नहीं पूछ पाए और प्रश्न काल शांति से चला। इस दौरान विधायकों ने जनहित से जुड़े कई सवाल उठाए।
श्रमिकों के वेतन-पीएफ गबन पर मंत्री नहीं दे पाए जवाब—
निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने राजस्थान ब्रेवरीज लिमिटेड शाहजहांपुर के श्रमिकों को वेतन भुगतान और पीएफ में गबन से जुड़ा सवाल पूछा, लेकिन श्रम राज्यमंत्री सुखराम विश्नोई ने सही तरीके से जवाब और जानकारी नहीं दे सके। मंत्री विश्नोई ने अपने जवाब में कहा कि जिस फैक्ट्री का ज़िक्र किया जा रहा है वो फैक्ट्री वर्ष 2001 में ही बंद हो गई, जो श्रमिक कोर्ट में गए थे उनका भुगतान हो चुका है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट दिखे प्रश्नकर्ता बलजीत यादव ने कहा कि कोर्ट के निर्देश के बाद सिर्फ एक ही श्रमिक को वेतन मिल पाया है और बाकी मजदूर आज भी इंतजार है।
स्पीकर जोशी ने भी कहा कि क्या सरकार इस बारे में कुछ कर सकती है क्या। एक मजदूर के भुगतान के आधार पर दूसरे श्रमिकों को भी पैसा मिलेगा? इसपर मंत्री सुखराम बिश्नोई ने कहा कि जब खुद वाद दायर करेंगे तभी पैसा मिलेगा। इस पर स्पीकर ने पूछा, क्या श्रम विभाग इस में मदद करेगा? ट्रांसफर होने पर श्रमिकों के हित के लिए क्या प्रावधान हैं? स्पीकर के इन सवालों का मंत्री सुखराम विश्नोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए।
दो साल बाद भी नंदी शाला के लिए पैसा नहीं—
सूरजगढ़ विधायक सुभाष पूनिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र में नंदी शाला के लिए भूमि आवंटन से जुड़ा प्रश्न पूछा, जिसके जवाब में मंत्री प्रमोद जैन भाया ने जवाब दिया, कि अभी तक स्थापित नंदी शालाओं की संख्या शून्य है। उन्होंने बताया कि नंदी शाला के लिए संस्था के स्वयं के स्वामित्व की 20 बीघा भूमि होना आवश्यक है। इसपर विधायक सुभाष पूनिया ने पूछा, अभी तक क्रियान्विति नहीं होने के पीछे कौन जिम्मेदार है ? उन पर क्या कार्यवाही होगी? जवाब में मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा राज्य सरकार है कि योजना में किसी तरह का विवाद ना हो इसके प्रयास किये जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत वर्ष 2021-22 के लिए 111 करोड रुपए स्वीकृत किए गए थे। 5 जिलों में 8 संस्थाओं का चयन भी हो चुका है। अब तक कोरोना महामारी और योजना को व्यवहारिक बनाने के चलते समय लगा है। देरी के लिए कोई अधिकारी दोषी नहीं है।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएं
भाजपा विधायक सुमित गोदारा ने बीकानेर जिले में पटवारियों के खाली पद का मामला उठाया। मंत्री रामलाल जाट ने जवाब दिया, जिससे गोदारा संतुष्ट नहीं हुए। इसपर भाजपा विधायक ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए स्पीकर से कहा कि मंत्री को सही जानकारी ही नहीं है। इसपर स्पीकर सीपी जोशी ने दखल देते हुए कहा कि अगर आप जवाब से असंतुष्ट है तो विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ला सकते है।
Published on:
25 Feb 2022 07:08 pm
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