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विश्वेन्द्र सिंह के बयान पर ‘भड़का’ विपक्ष, ‘माफ़ी मांगो’ के लगे नारे- और फिर…

Rajasthan Assembly Budget Session 2019 : राजस्थान विधानसभा ( Rajasthan Assembly Budget Session ) में सोमवार को पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ( Gehlot Government Tourism Minister Vishvendra Singh ) के जवाब से असंतुष्ट Opposition के सदस्यों के वेल आकर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। शोर-शराबा बढ़ने के बाद सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा।

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vishvendra singh

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में सोमवार को पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ( Tourism Minister Vishvendra Singh ) के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के सदस्यों के वेल आकर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। शोर-शराबा बढ़ने के बाद सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा।

दरअसल, विश्वेन्द्र सिंह प्रश्न काल में भारतीय जनता पार्टी के विधायक कालीचरण सराफ के प्रश्न का जवाब दे रहे थे। विश्वेन्द्र के जवाब से सराफ संतुष्ट नहीं हुए। इस पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रश्न पूछने की मंशा क्या है। इस पर सराफ के साथ विपक्ष के नेेता गुलाब चंद कटारिया एवं प्रतिपक्ष उप नेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ तथा अन्य विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई और मंत्री से यह स्पष्ट करने की मांग की।

इस पर सभी विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान इन सदस्यों ने माफी मांगो, माफी मांगो एवं लोकतंत्र का सम्मान करो, मनमानी और तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाये और वेल में धरने पर बैठ गए।

हंगामे के बीच चलता रहा प्रश्नकाल
हंगामे के दौरान प्रश्नकाल चलता रहा और अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी प्रश्न उठाने के लिए सदस्यों के नाम पुकारते रहे लेकिन विपक्षी सदस्यों के वेल में धरने पर बैठे रहे। इस वजह से सोलह प्रश्न नहीं हो पाए और करीब पन्द्रह मिटन तक हुए शोरशराबा एवं हंगामा के बाद डॉ जोशी ने 11 बजकर 34 मिनट पर सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही 12 बजे शून्यकाल में फिर शुरु होने पर कटारिया ने कहा कि मंत्री का यह कहना कि प्रश्न पूछने की मंशा क्या है, इसका मतलब सदस्य लेनदेन करके प्रश्न पूछते है। जब तक इस बारे में स्पष्ट नहीं होगा इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस पर अध्यक्ष ने कहा कि उनकी मंत्री से बात हुई है और उनकी मंशा खराब नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का ईरादा खराब नहीं होता। उन्होंने सदस्यों को आश्वस्त किया कि मंत्री की ऐसी कोई मंशा नहीं है और सदन में रिकार्ड है उसे देख ले, उसमें लगता है कि इस तरह की कोई मंशा है तो चर्चा की जाएगी।

बाद में विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि उनकी गलत मंशा नहीं थी, आप लोग भी उन पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया है, जिससे उन्हें दुख है। इतना कहने के बाद विपक्षी सदस्य मान गए और धरना समाप्त कर अपनी जगहों पर बैठ गए।

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