Rajasthan Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के प्रमुख मुद्दे को भुनाने के लिए जोर लगा रही है। पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में ईआरसीपी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस लगातार पांच दिन जनजागरण और पदयात्राएं करेगी।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Rajasthan Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के प्रमुख मुद्दे को भुनाने के लिए जोर लगा रही है। पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में ईआरसीपी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस लगातार पांच दिन जनजागरण और पदयात्राएं करेगी। सूत्रों के अनुसार 25 से 29 सितंबर तक इन जिलों में कई कार्यक्रम होंगे। ईआरसीपी के मुद्दे पर कांग्रेस थिंक टैंक ने केंद्र सरकार और भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई है। पिछले दिनों में कांग्रेस वॉर रूम में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पूर्वी राजस्थान से आने वाले मंत्रियों ने इस मुद्दे को उठाने की सलाह दी थी। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं घेरने की रणनीति बनी है। ईआरसीपी में अलवर, करौली, जयपुर, अजमेर, बारां, भरतपुर, दौसा, झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और धौलपुर शामिल हैं।
49 कांग्रेस, 8 निर्दलीयों एक रालोद के पास: ईआरसीपी से जुड़े 13 जिलों में 83 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को यहां बड़ी बढ़त मिली थी। 49 सीटों पर कांग्रेस, 8 सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर राष्ट्रीय लोकदल का कब्जा है, जबकि भाजपा के पास केवल 25 सीटें हैं।
4 जिलों में नहीं खुला था भाजपा का खाता: पिछले विधानसभा चुनाव में करौली, भरतपुर, दौसा और सवाई माधोपुर में जहां भाजपा का खाता नहीं खुल पाया था तो वहीं झालावाड़ में कांग्रेस का भी खाता नहीं खुला था।