लंबी जद्दोजहद के बाद भाजपा ने गुरुवार को 58 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने जोधपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़ और सचिन पायलट के सामने टोंक से पूर्व विधायक अजीत मेहता को टिकट दिया गया है।
जयपुर। लंबी जद्दोजहद के बाद भाजपा ने गुरुवार को 58 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने जोधपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़ और सचिन पायलट के सामने टोंक से पूर्व विधायक अजीत मेहता को टिकट दिया गया है। वहीं शाहपुरा से कैलाश मेघवाल का टिकट काटकर लालराम बैरवा को प्रत्याशी बनाया गया है। अब शेष रही 18 सीटों पर भी पार्टी जल्द ही प्रत्याशियों की घोषणा करेगी।
जयपुर की हॉट सीट हवामहल से हाथोज धाम के बालमुकुंदाचार्य को प्रत्याशी बनाया गया है। इसी तरह बहरोड़ से मोहित यादव की जगह उनके पिता जसवंत यादव को मैदान में उतारा गया है। मील ने 2018 में कांग्रेस के टिकट पर खण्डेला से चुनाव लड़ा था। पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी को हिंडौली, अजय सिंह किलक को डेगाना और गजेंद्र सिंह खींवसर को लाहोवट से प्रत्याशी बनाया गया है। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के पुत्र जगत सिंह को नदबई से भाजपा ने मैदान में उतारा है।
जयपुर की सीटों पर फिर बढ़ा इंतजार
जयपुर की आदर्श नगर, किशनपोल और सिविल लाइंस विधानसभा सीट से टिकट का इंतजार बढ़ गया है। पार्टी ने इन तीनों सीटों को होल्ड पर रखा है। इन तीनों सीटों पर वर्तमान में कांग्रेस का कब्जा है।
भाटी के परिवारजन को मिला टिकट
पिछले दिनों भाजपा में शामिल हुए देवी सिंह भाटी की पुत्रवधु पूनम कंवर भाटी को कोलायत से प्रत्याशी बनाया गया है। इसी तरह कांग्रेस सरकार में मंत्री कृष्णा पूनियां के सामने सुमित्रा पूनियां को चुनाव मैदान में उतारा गया है। वहीं पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा के बेटे जय आहूजा को उनकी सीट रामगढ़ से टिकट दिया गया है।
एक दिन पहले भाजपा में शामिल हुए और मिल गया टिकट
एक दिन पहले ही कांग्रेस को छोड़ भाजपा में शामिल हुए तीन नेताओं को पार्टी ने टिकट दिया है। सुभाष मील को खण्डेला, दर्शन सिंह गुर्जर को करौली और उदय लाल डांगी को वल्लभनगर से टिकट दिया गया है।