
जयपुर।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सोमवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी। इससे 'पड़ोसी' राजस्थान में भी उम्मीदवारों की घोषणा जल्द होने को लेकर काउंटडाउन शुरू हो गया है। भाजपा गलियारों में तो यहां तक चर्चाएं है कि केंद्रीय संगठन श्राद्ध पक्ष से पहले, यानी आने वाले एक-दो दिन में ही राजस्थान में पार्टी उम्मीदवारों एक सूची जारी कर सकती है। हालांकि पार्टी का ही एक धड़ा इस तरह की संभावनाओं से इंकार भी कर रहा है।
एमपी फॉर्मूले की चर्चाएं तेज़
भाजपा ने मध्य प्रदेश के लिए सोमवार को जारी सूची में तीन केंद्रीय मंत्रियों और चार सांसदों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के इस फॉमूले ने राजस्थान भाजपा में भी खलबली सी मचा डाली है। क्या केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाने का 'एमपी फॉर्मूला' राजस्थान में भी लागू रहेगा, इस बारे में अटकलों और चर्चाओं का बाज़ार गरमाना शुरू हो गया है।
दोनों राज्यों की स्थितयां अलग, फॉर्मूले पर सस्पेंस!
मध्य प्रदेश की तर्ज पर क्या राजस्थान में भी सांसदों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाकर उतारा जाएगा, इसे लेकर सूचियां जारी होने तक सस्पेंस बना रहेगा। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एमपी फॉर्मूला राजस्थान में शायद ही लागू हो। वजह दोनों राज्यों में परिस्थितियां बिलकुल उलट हैं। एमपी में जहां भाजपा अपनी सरकार बरकरार रखने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ रही है, तो वहीँ राजस्थान में सत्ता में परिवर्तन कर एक बार फिर से लौटने की जद्दोजहद में है।
एक-एक सीट पर कई दावेदार
इस वर्ष के आखिर में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए हर बार की तरह इस बार भी हर एक सीट पर भाजपा के कई नेताओं ने अपना दावा ठोका है। इनमें वो सीटें भी शामिल हैं जहां से राजस्थान के तीन केंद्रीय मंत्री और अन्य सांसद मूल रूप से आते हैं।
... तो श्राद्ध पक्ष में जारी नहीं होगी सूची!
श्राद्ध पक्ष 29 सितंबर से शुरू हो रहे हैं जो 14 अक्टूबर तक जारी रहेंगे। भाजपा सूत्रों की मानें तो पार्टी इस अवधि के दरम्यान उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं करेगी। ऐसे में अगर ऐसा है तो पार्टी के पास श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले, यानी अगले दो-तीन दिन बचे हैं। इसके बाद श्राद्ध पक्ष बाद ही एक के बाद एक सूचियां जारी होंगी।
तीन केंद्रीय मंत्रियों, 4 सांसदों को विधानसभा का टिकट
2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से कांटे की लड़ाई में सत्ता गंवानी पड़ी थी, उससे सबक लेते हुए भाजपा ने फंसी सीटों पर तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत सात सांसदों को उतारने का दांव चला है। सोमवार को घोषित 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची में कई नाम चौंकाने वाले रहे। सूची में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रल्हाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते का नाम शामिल है।
तोमर दिमनी, पटेल नरसिंहपुर और कुलस्ते अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित निवास सीट से चुनाव लड़ेंगे। सांसद उदय प्रताप सिंह को गाडरवारा, राकेश सिंह को जबलपुर पश्चिम, गणेश सिंह को सतना और रीती पाठक को सीधी से उम्मीदवार बनाया है। कैलाश विजयवर्गीय को भी इंदौर 1 से टिकट दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की छिंदवाड़ा से भाजपा ने विवेक बंटी पर दांव खेला है।
Published on:
26 Sept 2023 11:23 am
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