नागेश शर्मा/धौलपुर. छेनी-हथौड़ी की टक-टक और गर्राते गैंगसा। तैयार हो रहा ‘रेड डायमंड’। आज का सफर यहीं से शुरू हुआ। मैं आ पहुंचा सरमथुरा के करीब। यहीं से जानेंगे बाड़ी और बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र की जमीनी हकीकत। ‘रेड डायमंड’ ने इस इलाके को विश्वस्तरीय पहचान तो दिलाई, लेकिन विकास का पहिया गति नहीं पकड़ पाया। हालांकि रेड स्टोन जिले की लाइफलाइन माना जाता है, लेकिन मजदूरों और कारोबारियों के उत्थान में प्रदेश की सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसकी टीस यहां लोगों में साफ दिखाई पड़ती है।