युगलेश शर्मा/बीकानरे. दूसरे दिन बीकानेर से करीब 51 किलोमीटर दूर कपिल मुनि की तपोभूमि कोलायत के लिए निकल पड़ा। मन में तस्वीर पुष्कर सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जैसी थी, लेकिन वहां जाकर देखा तो ऐसा कुछ भी नहीं मिला। अमावस्या का दिन होने के बावजूद इक्के-दुक्के श्रद्धालु ही कपिल सरोवर पर आते-जाते दिखे। घाट पर मात्र एक युवक विजय तंवर मोबाइल पर बतियाते मिला। बात खत्म होने पर वहां के मुद्दे को लेकर सवाल किया तो वह धारा प्रवाह शुरू हो गया। बोला, यह सरोवर ही यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है।