
कोटपूतली के मध्य से गुजरता जयपुर दिल्ली हाईवे
संदीप पुरोहित जयपुर.
जिस रामगढ़ बांध में 1982 के एशियाड की नौकायन प्रतियोगिता हुई थी। अब वह बांध पानी के लिए तरस रहा है। मन बहुत दु:खी था रामगढ़ की हालत देखकर। बारिश शुरू होते ही यहां आते थे। राजनीतिक इच्छा शक्तिहोती तो सबकुछ हो सकता था, पर ... इस बात का गिला जमवारामगढ़ के लोगों को ही नहीं पूरे जयपुर को है। यहां बैठे हेमाराम शर्मा बोले, बांध बड़े लोगों की मनमानी की भेंट चढ़ गया। जिस बांध का कैचमेंट एरिया 700 वर्ग किलोमीटर का है, वह पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है।
हकीकत यह कि रसूखदारों ने पानी रोक दिया। राजपुरवास ताला क्षेत्र के फार्म हाउस इसमें बाधक बने हुए हैं। जब हम आंधी पहुंचे तो वहां बंद पड़ी वीरान डोलोलाइट की खानें अपनी दास्तान कह रही थी। वहां कारोबारी निशीथ पारीक ने कहा, पर्यावरण की तो रक्षा हो गई, पर यहां के लोगों का रोजगार छिन गया।
जमवारामगढ़ में जमवाय माता मंदिर, श्रीगोपालजी मंदिर, बांकी माता मंदिर देवीतला रायसर, महंगेश्वर महादेव मंदिर व टोडेश्वर महादेव मंदिर प्रसिद्ध धार्मिक स्थान हैं। जहां लोगों का तांता लगा रहता है, पर सरकार की ओर से कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। सरकारी कार्यालयों के लिए जमीन आवंटन तक नहीं हुआ है।
Published on:
29 Jul 2023 09:06 pm
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