
जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवार चयन के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने सोमवार से मंथन शुरू कर दिया है। पहले दिन पार्टी के वॉररूम में दो घंटे चली बैठक में नेताओं ने पिछली बार बड़े अंतर तीस हजार से ज्यादा वोट से चुनाव हारने वाले नेताओं को टिकट नहीं देने की राय दी। वहीं पूर्व सांसदों को भी चुनाव लड़वाने का सुझाव दिया गया है। कुछ नेताओं ने लगातार दो बार हारे नेताओं को भी टिकट नहीं देने की बात रखी। साथ ही, जो युवा और महिला फील्ड और सर्वे में जिताऊ दिख रहे हैं, उन्हें उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए।
कमेटी अध्यक्ष गौरव गोगोई ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद वन-टू-वन फीडबैक भी लिया। इसमें सरकार कैसे रिपीट हो सकती है, इसके लिए कैसे उम्मीदवार मैदान में उतारें। इस पर मंथन किया गया। सीएम अशोक गहलोत व विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी जोधपुर में थे। इसलिए वे बैठक में नहीं आए। सचिन पायलट भी जयपुर से बाहर थे। गोगोई ने पत्रकारों से कहा कि आम राय से टिकट तय किए जाएंगे। कार्यकर्ताओं में उत्साह है। जनता से फिर से कांग्रेस की सरकार बनाएगी।
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जो तय है, उन्हें ही जल्दी घोषित करें उम्मीदवार
नेताओं ने सुझाव दिया कि जिन सीटों पर उम्मीदवार तय हैं, उन पर तो पार्टी जल्द घोषणा कर सकती है। शेष सीटों पर जल्दबाजी नहीं की जाए और सारे पहलुओं को देखकर ही उम्मीदवार तय करें। पार्टी को भाजपा के संभावित उम्मीदवारों को देखकर भी अपनी उम्मीदवार चयन की रणनीति बनाने की जरूरत है।
अभी सुझाव लिए, पैनल बाद में
कमेटी तीन दिन तक फीडबैक लेगी। कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, सदस्य गणेश गोडियाल और अभिषेक दत्त 31 अगस्त तक संभागों के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। इसके बाद उम्मीदवारों का पैनल बनाया जाएगा।
ईआरसीपी का मुद्दा करेगा मदद
जलदाय मंत्री महेश जोशी और मुरारीलाल मीणा ने कहा कि पूर्वी राजस्थान में 75 से ज्यादा सीटें हैं और ईआरसीपी का मुद्दा अच्छे से उठाया तो इससे कांग्रेस को फायदा हो सकता है। इसके लिए विशेष फोकस करने की जरूरत है।
Published on:
29 Aug 2023 02:14 pm
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