ये नेता माने, नाम वापस: वैसे तो जयपुर में झोटवाड़ा, सिविल लाइंस, विद्याधरनगर और बस्सी में ही बगावत हुई थी और टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं ने नामांकन भर पार्टी के सामने चुनाैती पेश कर दी थी। इसके बाद पार्टी ने डैमेज कंट्रोल शुरू किया और नेताओं को बागियों को मनाने की जिम्मेदारी दी। पार्टी ने कई जगह सफलता भी हासिल की। इनमें राजपाल शेखावत मान गए। इसी तरह सिविल लाइंस में रणजीत सिंह सोडाला और दिनेश सैनी ने नामांकन वापस ले लिया। दोनों नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर अपना विरोध भी दर्ज कराया था। रणजीत सोडाला के समर्थकों ने तो भाजपा मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया था और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का घेराव भी किया था। विद्याधर नगर सीट पर भी बागी विष्णु प्रताप सिंह ने नाम वापस ले लिया है। अब इन सीटों पर कोई बागी नहीं बचा है।