
राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले बवाल, इस पार्टी ने सर्वदलीय बैठक का किया बहिष्कार
भजन लाल सरकार का पहला बजट सत्र 19 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सरकार गठन के बाद हो रहे इस सत्र से पहले ही विधानसभाध्यक्ष की ओर से विधायकों का प्रबोधन कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम में नए विधायकों को सदन की रीति—नीति से रूबरू कराने के साथ ही सत्ता व विपक्ष को एक परिवार की तरह सदन में व्यवहार करने की बात कही। मगर सत्र से पहले ही बवाल मचता नजर आ रहा है।
सत्र से ठीक पहले गुरुवार को विधानसभा में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में सभी दलों को आमंत्रित किया गया है, लेकिन राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने इस बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की है। रालोपा विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सर्वदलीय बैठक मे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मुझे भी आमंत्रित किया गया है, लेकिन मैने इस बैठक का बहिष्कार करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि राज्य का युवा पीड़ित है। नई सरकार के गठन को लेकर एक माह से भी अधिक समय हो गया, मगर सरकार राजस्थान के युवाओं को न्याय देने की बात पर खामोश नजर आ रही है। बेनीवाल ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि राज बदला है तो रिवाज भी बदलेगा लेकिन अफसरों की वही फौज जो गहलोत-वसुंधरा के शासन काल को चला रही थी वो ही अधिकारी इस सरकार को चला रहे है।
आरपीएससी का पुनर्गठन करने की मांग
बेनीवाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता करके कहा था कि भाजपा की सरकार बनेगी तो RPSC को भंग करेंगे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी की सरकार इस बात को लेकर खामोश गई है। दुर्भाग्य इस बात का है कि जिस बाबूलाल कटारा को पेपर लीक के मामले मे गिरफ्तार करके जेल मे डाला वो आज भी RPSC का सदस्य है और वेबसाइट पर भी उसका सदस्य होना दर्शाया जा जा रहा है। बेनीवाल ने सरकार से सवाल किया कि आरपीएससी को भंग कब करोगे ? इस पवित्र संस्था की गरिमा को 20 वर्षों से तार- तार किया जा रहा है। उसमे सुधार करने के स्थान पर आखिर भाजपा और कांग्रेस की मानसिकता से प्रेरित लोग जिन्हें अध्यक्ष व सदस्य बनाया गया, उन पर सरकार अपनी मेहरबानी कब तक बनाए रखेगी ? उन्होंने आरएएस मुख्य परीक्षा की तिथि को अभ्यर्थियों की मंशा के अनुरूप स्थगित करने की बात भी कही।
Published on:
17 Jan 2024 07:19 pm
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