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Rajasthan : जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध मामले में आरोपी बबीता स्पेशल कोर्ट में पेश, ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजी गई

Rajasthan : जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित जासूसी मामले की आरोपी बबीता उर्फ़ खदीजा को आज ATS ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी बबीता उर्फ़ खदीजा को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया है।
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Rajasthan ATS Jaish e Mohammed alleged links Babita Special Court sent judicial custody

Rajasthan : जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित जासूसी मामले की आरोपी बबीता उर्फ़ खदीजा। फोटो - ANI

Rajasthan : जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित जासूसी मामले की आरोपी बबीता उर्फ़ खदीजा को आज शनिवार को ATS ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी बबीता उर्फ़ खदीजा को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया है। इस दौरान बबीता धाकड़ उर्फ़ खदीजा अपना चेहरा छिपाती नजर आई। एटीएस ने बबीता को 7 दिन की रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि आज पूरी होने के बाद उसे न्यायालय अपर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-11 जयपुर महानगर द्वितीय कोर्ट में पेश किया गया। जहां से स्पेशल कोर्ट ने बबीता को जेल भेज दिया।

बबीता को जयपुर के वाटिका क्षेत्र से किया था गिरफ्तार

जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा (37 वर्ष) को जयपुर के वाटिका क्षेत्र से 20 जून को गिरफ्तार किया था। बबीता मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली है। जिसके बाद एटीएस ने बबीता को 27 जून तक रिमांड पर लिया था। बबीता से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई। जांच एजेंसियों के अनुसार बबीता करीब दो साल से आतंकी संगठन के संपर्क में थी। उसे आत्मघाती हमले के लिए तैयार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार लगभग 3 साल पहले पाकिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आतंकी ने फेसबुक के जरिए उससे संपर्क किया था। शुरुआत में बातचीत दोस्ती के रूप में शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेमजाल में बदल गई और फिर उसका ब्रेनवॉश किया जाने लगा। इसके बाद ऑनलाइन धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम ‘खदीजा’ रख दिया।

जांच में सामने आया है कि आतंकी ने प्यार, शादी और बेहतर भविष्य के सपने दिखाकर युवती का विश्वास जीता। एजेंसियों को आशंका है कि पूरी तरह प्रभाव में आने के बाद उसे किसी विशेष जिम्मेदारी या टारगेट के लिए तैयार किया जा रहा था। फिलहाल जांच इस बात पर केंद्रित है कि उसे किस प्रकार की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी और क्या उसने किसी अन्य व्यक्ति को भी अपने संपर्क में लिया था। ये भी जांच का विषय है कि कहीं वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं बनाई जा रही थी।

दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद

पूछताछ में सामने आया है कि युवती अपने परिवार और रिश्तेदारों से अपेक्षाकृत कम बातचीत करती थी जबकि पाकिस्तान के कुछ लोगों से उसका लगातार संपर्क बना हुआ था। उसके पास से 2 मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच में अहम सुराग माना जा रहा है।