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राजस्थान बना मेडिकल हब, निवेशकों ने बढ़ाए कदम

एक दशक पहले तक हृदय, किडनी और कैंसर और ट्रांसप्लांट सहित अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहा राजस्थान अब मेडिकल हब बनने लगा है। आगामी पांच वर्ष के दौरान राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाओं युक्त करीब एक दर्जन नए निजी चिकित्सा संस्थान शुरू होंगे। जिनमें मेडिकल विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और शोध संस्थान और फार्मा कंपनी शामिल हैं।

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PT, girl students, unconscious, district hospital, treatment, collector, Katni News

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एक दशक पहले तक हृदय, किडनी और कैंसर और ट्रांसप्लांट सहित अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहा राजस्थान अब मेडिकल हब बनने लगा है। आगामी पांच वर्ष के दौरान राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाओं युक्त करीब एक दर्जन नए निजी चिकित्सा संस्थान शुरू होंगे। जिनमें मेडिकल विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और शोध संस्थान और फार्मा कंपनी शामिल हैं।

इनमें से कई बड़े प्रोजेक्ट जयपुर, उदयपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, दौसा और सीकर जिले में शुरू होंगे। पिछले 20 वर्ष में कई नामचीन अस्पताल समूहों का प्रवेश राजस्थान में हुआ, जिन्हें अच्छा रेस्पांस मिला है। इन अस्पतालों से स्थानीय लोगों को महंगे खर्च पर दूसरे राज्यों के बड़े शहरों तक जाने सहित इलाज के खर्च से भी करीब 25 से 50 प्रतिशत तक की मुक्ति मिली है।

कई देशों से पहुंच रहे मरीज

राज्य की करीब 80 प्रतिशत वृहद चिकित्सा सेवाएं जयपुर में हैं। यहां कुछ निजी अस्पतालों में विदेश से भी मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सवाईमानसिंह अस्पताल में ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं शुरू हो चुकी है। यहां नाइजीरिया से आई एक महिला भी अपना इलाज करवा चुकी है।

हर जिले में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज

राज्य के हर जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक 30 जिलों के लिए यह अनुमति मिल चुकी है और 20 में यह शुरू हो चुके हैं। इनके अलावा 6 निजी मेडिकल कॉलेज भी प्रदेश में हैं। सभी जिलों में नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की घोषणा राज्य सरकार कर चुकी है। इनमें से 19 कॉलेजों का शिलान्यास हाल ही में किया गया है।

आएगा नया विवि

इंडियन मेडिकल ट्रस्ट और निम्स विश्वविद्यालय की ओर से राजधानी में एक और निजी विवि की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह विवि 3 से 4 वर्ष में शुरू होगा। जिसमें कई संस्थान भी मल्टी ऑर्गन ट्रांसप्लांट, जेनेटिक्स एंड मॉलिक्यूलर बॉयोलॉजी, रोबोटिक्स एंड बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, स्टेमसेल एंड रीजनरेटिंग मेडिसिन, इम्यूनोलॉजी एंड वॉयरोलॉजी, एजिंग एंड जिरोंटोलॉजी, न्यूू क्लियर मेडिसिन सहित इंफेक्शन डीजिज संस्थान शामिल हैं। इनमें शोध, प्रशिक्षण, जीव विज्ञान, चिकित्सा के क्षेत्र में रोबोट, स्टेम सेल विज्ञान के उपयोग, इम्यूनोलॉजिकल और वायरोलॉजिकल रिसर्च पर काम होगा।

जयपुर : सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज

सीकर : मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लैब, मेडिकल कॉलेज

श्रीगंगानगर : जनरल हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज, वेटरनरी कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज, होम्योपैथी कॉलेज, योगा कॉलेज, स्पोर्ट्स कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज और यूनिवर्सिटी

जयपुर ग्रामीण : मेडिकल एंड हेल्थ केयर कॉलेज

उदयपुर : फार्मा कंपनी

जालोर, उदयपुर : हेल्थकेयर एजुकेशन, दौसा : निजी विवि व मेडिकल कॉलेज 750 बेड अस्पताल क्षमता