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राजस्थान में 2 से ज्यादा संतान वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव, भजनलाल कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में पहली बार विधानसभा मंत्रिमंडल कक्ष में हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं। सबसे बड़ा फैसला स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में 'दो संतान' की अनिवार्यता को खत्म करना है, जिसने प्रदेश के लाखों संभावित उम्मीदवारों के लिए राजनीति के द्वार खोल दिए हैं।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 25 Feb 2026, 3:28 PM IST

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में एक बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए पंचायत और निकाय चुनावों से जुड़े नियमों में क्रांतिकारी बदलाव को हरी झंडी दे दी है। अब राजस्थान में दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति भी चुनाव लड़ने के पात्र होंगे। कैबिनेट के इस फैसले के बाद जल्द ही विधानसभा में संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा।

28 साल पुरानी बंदिश खत्म, अब संतान संख्या नहीं बनेगी बाधा

कैबिनेट ने राजस्थान पंचायत अधिनियम की धारा 19 और नगर पालिका अधिनियम की धारा 24 में संशोधन को मंजूरी दी है।

  • बड़ा बदलाव: अभी तक दो से ज्यादा संतान होने पर स्थानीय चुनाव लड़ने पर पाबंदी थी, जिसे अब हटाने का निर्णय लिया गया है।
  • राजनीतिक असर: इस फैसले से उन हजारों जमीनी कार्यकर्ताओं को राहत मिलेगी जो संतान संबंधी नियमों के कारण चुनावी राजनीति से दूर थे।
  • प्रक्रिया: कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इस बिल को सदन में रखा जाएगा, जिसके बाद यह कानून का रूप लेगा।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिस संबंध में सरकार जल्द विधेयक लेकर आएगी।

अजमेर को सौगात: खुलेगा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

  • नया विश्वविद्यालय: अजमेर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा का नया विश्वविद्यालय खोला जाएगा।
  • प्रारूप को मंजूरी: मंत्रिमंडल ने इस विश्वविद्यालय के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है, जिससे राजस्थान आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के हब के रूप में उभरेगा।

अपराधों पर लगाम: 'राजस्व आसूचना एवं अपराध निदेशालय' का गठन

ठगी और टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने एक नया और शक्तिशाली तंत्र बनाने का फैसला किया है।

  • कार्यक्षेत्र: इस नए निदेशालय का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राजस्थान होगा।
  • इन पर होगी कार्रवाई: शेयर बाजार की अनियमितताएं, फर्जी नौकरियां, जमीनों के पंजीयन में धोखाधड़ी और ठगी जैसे अपराधों पर अब यह निदेशालय सीधी नजर रखेगा।
  • राजस्व सुरक्षा: इससे टैक्स चोरी और राजस्व लीकेज रुकेगा। सरकार ने इसके लिए 107 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है।

पहली बार विधानसभा में कैबिनेट: एक नई परंपरा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई यह बैठक कई मायनों में खास रही। यह पहली बार है जब कैबिनेट की आधिकारिक बैठक विधानसभा के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की गई। बैठक के बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मंत्री जोगाराम पटेल और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस वार्ता कर इन महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी साझा की।