
साम्प्रदायिक तनाव: प्रतीकात्मक तस्वीर
राजस्थान में इन दिनों किसी न किसी कारण से सरगर्मी बनी ही हुई है। राजस्थान में मौसम की गर्मी के साथ सियासती बयानबाजी और सांप्रदायिक तनाव की खबरें भी लगतार प्रदेश में हलचल बढ़ाने का काम कर रही हैं। जोधपुर, करौली, भीलवाड़ा के बाद अब राजस्थान के भरतपुर में पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के बाद एक इलाके में धारा 144 लगा दी गयी है। पुलिस प्रशासन ड्रोन से निकरानी कर रहा है। खासतौर पर छतों पर कांच की बोतल और पत्थर मिलने पर पुलिस ने सख्त कारवाई की बात कही है। प्रशासन ने भ्रामक खबरें नहीं फैलने देने को लेकर भी कमर कस ली है और खुद डीएम की ओर से भ्रामक खबरें फैलाने वाले चैनलों की खबरों पर खंडन सोशल मीडिया की तरफ से प्रसारित किए जा रहे हैं।
साथ ही प्रशासन बेहद सतर्क भी हो गया है और सावधानी बरत रहा है। इलाके में तनाव के बाद अब बिना अनुमति के सार्वजिनक रास्तों और जगहों पर डीजे, नहीं बज सकेगा वही किसी तरह के आयोजन के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
मीडिया में खबरों के बाद जिले के डीएम और एसपी ने इस विषय पर हकीकत जनता के सामने रखकर लोगों को आश्वस्त करने की भी कोशिश की है। बहरहाल जिले में सब कुछ शांति पूर्ण है।
धारा 144 लागू
भरतपुर के हालात को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है और असमाजिक तत्व जिले में माहौल खराब न कर सकें इसलिये जिले में एहतियातन धारा 144 लगा दी गयी है।
वर्ष 2013 से जुड़ा है मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2013 में कुरैशी और सिख समुदाय के परिवारों के बीच, मीट की दुकानों को लेकर झगड़ा हुआ था। तत्कालीन प्रशासन ने मीट दुकानें बन्द करा दी थी। मामले में दोनों पक्षों के बीच आपस में मुकदमे दर्ज हुए थे। कल कोर्ट ने कुरैशी पक्ष पर 600 रुपये का जुर्माना सुनाया था।
जिसके बाद आरोपों से बरी पक्ष ने पार्टी की , जिसमें मीट और शराब परोसी जा रही थी। आरोप है कि जश्न में बरी होने वाले पक्ष ने दूसरे पक्ष पर बोतले फेंकी। विरोध में दूसरे पक्ष ने भी पत्थराव किया। सूचना पर पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। हालात का कोई फायदा ना उठाये और माहौल और ना खराब हो इसके लिए पूरे इलाके में बैरिकेड्स लगाकर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
Published on:
11 May 2022 09:35 am
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