
प्रदेश नेतृत्व हमारी नहीं सुन रहा, हमें दरकिनार किया जा रहा है
जयपुर।
भाजपा में चल रही गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। रोहिताश्व शर्मा के पार्टी से निष्कासन के बाद राष्ट्रीय महामंत्री सीटी रवि को राजस्थान में संगठनात्मक प्रवास पर भेजना सियासी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। यह बात उस समय सही साबित हो गई, जब रवि के समक्ष बुधवार को विधायक कालीचरण सराफ, पूर्व विधायक राजपाल सिंह शेखावत और अशोक परनामी ने अपनी पीड़ा जाहिर की। तीनों नेताओं ने 15—20 मिनट अलग से रवि से बात की।
बताया जा रहा है कि तीनों नेताओं ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व हमारी नहीं सुन रहा है। लगातार पूर्व विधायकों को इग्नोर किया जा रहा है। तीनों ने राजस्थान में पिछले दिनों हुए घटनाक्रम की जानकारी भी रवि के समक्ष रखी। इसमें रोहिताश्व शर्मा के निष्कासन, महापौर सौम्या गुर्जर और पार्षदों के निलंबन सहित लगातार हो रही बयानबाजी को लेकर अपना पक्ष रखा। रवि ने तीनों की बातों को सुना और अपनी तरफ से भी कुछ बातों के जवाब मांगे। गौरतलब है कि विधायक कालीचरण सराफ, पूर्व विधायक राजपाल सिंह शेखावत और अशोक परनामी तीनों ही नेता वसुंधरा खेमे के हैं। रोहिताश्व शर्मा भी राजे खेमे से ही आते हैं। ऐसे में इन तीनों का रवि के साथ हुआ वार्तालाप काफी महत्वूपर्ण है।
सी.टी. रवि देंगे आलाकमान को फीडबैक
रवि का राजस्थान प्रवास संगठनात्म दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन दिवसीय संगठनात्मक प्रवास के बाद रवि ने प्रदेश भाजपा के कामकाज का फीडबैक लिया है। साथ ही सुधार की दृष्टि से कई आवश्यक सुझाव भी दिए है। अब वे पार्टी नेतृत्व को राजस्थान संगठन की रिपोर्ट सौंपेंगे। साथ ही पार्टी के वर्तमान हालातों से भी अवगत कराएंगे। रवि ने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान जोधपुर, अजमेर और जयपुर में संगठनात्मक बैठकें की हैं। कुछ नेताओं से वन टू वन बात की है। इन सभी का निचोड़ वो अपने फीडबैक में सम्मिलित करते हुए आलाकमान को देंगे।
Updated on:
21 Jul 2021 09:05 pm
Published on:
21 Jul 2021 08:14 pm
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