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RBSE 12th Result Success Story: जन्म का दिन सेम, स्कूल सेम, क्लास सेम और अब बोर्ड में नंबर भी आए सेम टू सेम। देखिए इन होनहारों की पूरी कहानी

RBSE 12th Result Success Story: इन ‘ट्विन स्टार्स’ की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत, लगन और सही दिशा में किए गए प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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दोनों भाई सीए बनना चाहते हैं और दोनों बहनें आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं।

12th board exam success story

RBSE 12th Result Success Story: राजस्थान बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणामों में इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया है। जुड़वा भाई-बहनों ने अपनी शानदार सफलता से पूरे प्रदेश में चर्चा बटोर ली है। इन भाई-बहनों ने 97% से 99% तक अंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि अपनी मेहनत और लगन से दूसरों के लिए एक मिसाल भी कायम की है।

जयपुर के अग्रवाल बंधुओं की जुगलबंदी

राजधानी जयपुर के प्राईवेट के छात्र आयुष अग्रवाल और पीयूष अग्रवाल ने कॉमर्स संकाय में शानदार प्रदर्शन किया है। आयुष ने 97% और पीयूष ने 96.40% अंक हासिल किए। दोनों भाइयों का जन्म 14 जून 2008 को हुआ था और उनके बीच मात्र 2 से 4 मिनट का अंतर है। बचपन से ही साथ-साथ पढ़ाई करने वाले इन भाइयों ने परीक्षा परिणामों में भी लगभग समान अंक प्राप्त कर अपनी अनूठी जुगलबंदी का परिचय दिया है। दोनों का लक्ष्य भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना है।

टपूकड़ा की जुड़वा बहनों का विज्ञान में परचम

टपूकड़ा क्षेत्र की जुड़वा बहनें पलक और पायल ने विज्ञान संकाय में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पलक ने 97.80% और पायल ने 97.60% अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। दोनों बहनों के जन्म में भी मात्र 3 मिनट का अंतर है और उनके परीक्षा परिणामों में भी केवल 0.20% का फर्क रहा। परिवार में पढ़ाई का माहौल होने के कारण दोनों बहनें रोजाना 6-7 घंटे साथ पढ़ाई करती थीं और एक-दूसरे को प्रेरित करती थीं। दोनों बहनें भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती हैं।

सफलता की कुंजी: स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और परिवार का सहयोग

इन जुड़वा भाई-बहनों की सफलता के पीछे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और परिवार का सहयोग प्रमुख रहा है। दोनों भाई-बहनों ने एक-दूसरे के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की और परीक्षा की तैयारी में एक-दूसरे की मदद की। वहीं, परिवार ने भी उन्हें हर मोड़ पर सहयोग दिया और उनका मनोबल बढ़ाया। इन ‘ट्विन स्टार्स’ की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत, लगन और सही दिशा में किए गए प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी यह कहानी हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।