2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान का ये MLA हमेशा साथ रखता है पिस्टल- पहनता है बुलेट प्रूफ जैकेट, हर पल बना रहता है जान का खतरा- जानें क्यों?

राजस्थान के BSP MLA मनोज न्यांगली को हर पर जान का खतरा बना रहता है। वे हमेशा साथ में पिस्टल रखते हैं। वे एक बार फिर चर्चा में हैं।

4 min read
Google source verification
bsp mla manoj nyagli

जयपुर।

राजस्थान का ये एमएलए हर पल अपने साथ रखता है पिस्टल.. ये एमएलए हर पल पहने रहता है बुलेट प्रूफ जैकेट.. इस एमएलए को दिन भर घेरे रहते हैं गनमैन... आखिर इन्हें किस बात का है खौफ? आखिर किससे है जान का खतरा?

24 घंटे जान का खतरा अपने साथ लेकर चलने वाले राजस्थान के इस एमएलए का नाम है मनोज न्यांगली। न्यांगली चूरू ज़िले के सादुलपुर सीट से बसपा विधायक हैं। सोमवार को विधानसभा में पिस्टल लेकर पहुंचने के बाद वे एक बार फिर चर्चा में आ गए। पिस्टल लेकर सदन तक पहुंचे न्यांगली को चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं पकड़ सकी। दो घंटे तक वे सदन में पिस्टल लेकर बैठे भी रहे, लेकिन किसी को खबर तक नहीं लगी।

न्यांगली सदन के बाहर पिस्टल के साथ कैमरे में कैद हो गए। मामले की विधानसभाध्यक्ष कैलाश मेघवाल को भी जानकारी मिल गई है और मामले को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

मांगी माफी...कहा, गलती से ले आया
बड़ी बात यह है कि विधानसभा के सदन में मोबाइल तक ले जाने की अनुमति नहीं है, वहां विधायक पिस्टल के साथ सदन में बैठे रहे। इस घटना ने विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर मनोज न्यांगली ने बाद में माफी मांगते हुए कहा कि गलती से पिस्टल लेकर आ गया था, ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी।

READ: राजस्थान पुलिस ने 80 घंटे में लिया बदला, इस कुख्यात गैंगस्टर का किया एनकाउंटर

मेटल डिटेक्टर पर फेल!
विधायकों की सुरक्षा जांच नहीं होती, एक वजह यह भी रही कि वे पिस्टल लेकर सदन में आ गए। लेकिन मेटल डिटेक्टर पर भी सुरक्षाकर्मी पिस्टल का पता नहीं लगा पाए।

हरियाणा की गैंग ने की थी फायरिंग
न्यांगली पर कुछ साल पहले हरियाणा की गैंग ने फायरिंग की थी। इस जानलेवा हमले में न्यांगली की आंख में गोली लगी थी। न्यांगली के भाई की भी हत्या हो चुकी है। मनोज न्यांगली की जान पर खतरा देखते हुए सरकार ने उन्हें सुरक्षा भी दे रखी है। यही नहीं न्यांगली बुलेट प्रूफ जैकेट भी पहनकर रहते हैं।


ऐसे हुआ था जानलेवा हमला
बात वर्ष 2012 नवम्बर की है। चुरू जिले के राजगढ़ में नकाबपोश कुछ युवकों ने बसपा के पार्टी कार्यालय में घुसकर विधानसभा प्रभारी वीरेंद्र सिंह न्यांगली के भाई मनोज न्यांगली सहित तीन लोगों पर हमला कर दिया था। इस दौरान हुई फायरिंग में तीनों घायलों को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया जहां सभी की हालत खतरे से बाहर आ गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि शाम करीब 6 बजे बसपा के विधानसभा प्रभारी व पंचायत समिति सदस्य मनोज सिंह न्यांगली कार्यकर्ताओं के साथ मोहता चौक स्थित बसपा कार्यालय में बैठे थे। उनका गनमैन रतनलाल बाथरूम जाते वक्त अपनी स्टेनगन कार्यालय में छोड़ गया था। इसी दौरान पांच नकाबपोश युवकों ने आते ही ताबड़तोड़ फायर करने शुरू कर दिए।

इसमें मनोज सिंह न्यांगली की आंख पर गोली लगी, जो कि पीछे गर्दन में अटक गई। उसके चाचा नरेश न्यांगली व साथी मनोज मीणा के पेट, पैर व हाथों पर गोलियां लगीं। कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश स्टेनगन फेंककर स्टेशन की तरफ भाग निकले। घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें हिसार रेफर कर दिया गया।

उस वक्त मनोज न्यांगली के चचेरे भाई उमेद सिंह ने अंदेशा जताया था कि राजनीति वर्चस्व की लड़ाई के चलते ये हमला हुआ है। तीन साल पहले भाई वीरेंद्र न्यांगली की मौत के बाद मनोज ने इलाके में अपनी पैठ को मजबूत किया था।

उधर इस जानलेवा हमले के बाद आक्रोशित लोगों ने राजस्थान रोडवेज की तीन बसें फूंक डालीं और नेशनल हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने इस हमले पर आपसी रंजिश व गैंगवार का अंदेशा जताया।

जेल में भी हो चुका है हमला
बसपा विउधायक मनोज न्यांगली पर जेल में शिनाख्त परेड की कार्रवाई के दौरान एक आरोपित हमला कर चुका है। इस संबंध में कार्यपालक मजिस्ट्रेट व तहसीलदार ने आरोपित के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया था। आरोपित ने विधायक को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

READ: हरियाणा के साथ राजस्थान में भी आतंक का पर्याय बन गई है यह गैंग, लूट से पहले खरीदते हैं साफी

पुलिस ने बताया था कि वर्ष 2012 में विधायक मनोज न्यांगली पर फायरिंग करने के मामले में आरोपित की शिनाख्त परेड कार्रवाई होनी थी। शाम चार बजे विधायक न्यांगली शिनाख्त परेड के दौरान जेल पहुंचे। तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट प्रदीप चाहर की उपस्थिति में विधायक ने जैसे ही आरोपित लुदी झाबर निवासी सुरेश कुमार की पहचान की तो आरोपित ने विधायक पर हमला कर दिया। वह धक्का-मुक्की करने लगा।

उसने अधिकारियों की मौजूदगी में विधायक को जान से मारने की धमकी देकर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली। अधिकारियों ने आरोपित को नियंत्रित किया। विधायक को जेल से सुरक्षित बाहर निकाला।

कार्यपालक मजिस्ट्रेट तहसीलदार प्रदीप चाहर ने शाम को स्थानीय पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि शिनाख्त परेड के दौरान आरोपित सादुलपुर तहसील के गांव लुदी झाबर निवासी सुरेश कुमार जाट ने विधायक पर हमला कर दिया, धक्का-मुक्की की और राजकार्य में बाधा पहुंचाई।

Story Loader