
Rajasthan Budget 2023- 20 लाख पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना, खर्च होंगे 750 करोड़, कार्मिकों के हाथ लगी निराशा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 20 लाख पशुपालकों को आर्थिक सम्बल देेने के लिए बड़ी घोषणा की है। गहलोत ने शुक्रवार को बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना शुरू किए जाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के सभी पशुपालकों के लिए हर परिवार के लिए दो-दो दुधारू पशुओं का 40 हजार रुपए प्रति पशु बीमा किया जाएगा। इस योजना के तहत 750 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
यह मिलेगा फायदा
गौरतलब है कि प्रदेश में वर्तमान में केंद्रीय पशु बीमा योजना संचालित की जा रही है लेकिन इस योजना में केवल 50 हजार पशुओं का ही बीमा किया जा सकता है यानी प्रदेश के सभी पशुपालक इस बीमा योजना के दायरे में नहीं आते। जिससे किसी बीमारी या आपदा के दौरान पशुओं की मौत होने पर पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है लेकिन अब मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना लागू होने से सभी पशुपालक इसके दायरे में आ सकेंगे।
लम्पी पीडि़त पशुपालकों को मिलेगा आर्थिक सम्बल
प्रदेश सरकार 40 हजार रुपए प्रति पशु मदद देगी। सीएम की इस घोषणा का फायदा उन पशुपालकों को मिल सकेगा जिनके दुधारू गोवंश की मौत लम्पी से हुई थी। गौरतलब है कि प्रदेश में गत वर्ष फैले लम्पी वायरस से लाखों की संख्या में गोवंश प्रभावित हुआ था। इस बीमारी से प्रदेश में हजारों की संख्या में गोवंश की मौत हुई थी। जिसके चलते पशुपालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।
केंद्र ने घोषित नहीं की राष्ट्रीय आपदा
लम्पी की भयावहता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार ने लम्पी को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने की मांग की थी लेकिन केंद्र सरकार ने सरकार की इस मांग को नहीं माना। ऐसे में अब प्रदेश के पशुपालकों को आर्थिक सम्बल देने के लिए पशुपालकों को उनके दुधारु गोवंश की मृत्यु पर प्रति गाय 40 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।
पशु मित्र योजना का ऐलान
सीएम ने बजट में पशु मित्र योजना का ऐलान किया है। जिसके तहत पशुपालन विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे टैगिंग,टीकाकरण, बीमा, पशुओं की नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान आदि के लिए मानदेय पर पशुधन सहायकों/ वेटरनरी डॉक्टर्स को रखा जाएगा। सीएम ने इसके लिए 20 करोड़ रुपए के प्रावधान का लक्ष्य तय किया है।
कार्मिक बोले, कार्मिकों के हाथ लगी निराशा
सीएम की इस घोषणा का कार्मिक विरोध कर रहे हैं। राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी ने कहा कि पशु मित्र योजना के तहत जो नियुक्ति दी जाएगी वह स्थाई नहीं होगी, बेहतर होता कि सरकार स्थाई नियुक्ति दिए जाने का ऐलान करती। विभाग में वैसे ही वेटरनरी चिकित्सकों और पशुधन सहायकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जिन पर स्थाई नियुक्ति दी जानी चाहिए।
उनका कहना था कि बजट से पशुपालन विभाग के कार्मिकों को निराशा हाथ लगी है, उन्हें वेतन विसंगति दूर होने,पदोन्नति के अवसर बढ़ाए जाने और पदनाम परिवर्तन की आस थी जो पूरी नहीं हुई।
Published on:
10 Feb 2023 08:15 pm
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