
जयपुर। बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शहरों में बहुमंजिला इमारतों में रहने वालों को पेयजल उपलब्ध कराने का एलान किया। बहुमंजिला इमारतों में जलदाय विभाग की योजनाओं से जल उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं प्रदेश में विभिन्न शहरों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 980 करोड रुपए खर्च होंगे। इसमें जयपुर की गैटोर शहरी जल प्रदाय योजना पर 37.16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जबकि जल जीवन मिशन के तहत अगले वित्तीय वर्ष में 47 लाख 80 हजार घरों में जल कनेक्शन करने का लक्ष्य रखा गया है।
जल जीवन मिशन के तहत अभी तक 32 लाख 50 हजार से अधिक घरों में जल कनेक्शन किए जा चुके है, इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 15 लाख घरों में और कनेक्शन कर दिए जाएंगे। इसके अलावा आमजन को राहत देने के लिए सामुदायिक योगदान राशि अब सरकार वहन करेगी। इससे सरकार पर एक हजार 500 करेाड़ रुपए का भार आएगा।
3 बड़ी पेयजल परियोजनाओं की घोषणा
प्रदेश के 3 हजार 133 गांवों में सतही जल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के लिए 3 बड़ी पेयजल परियोजनाओं पर काम होगा। इस पर करीब 11 हजार 255 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
ईआरसीपी का काम रहेगा जारी
जयपुर सहित प्रदेश के 13 जिलों के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को जीवनदायिनी मानते हुए इसका काम जारी रखने की बजट में घोषणा की गई है। इस पर अभी तक एक हजार 284 करोड़ रुपए खर्च कर नवनेरा बांध और ईसरदा बांध का काम किया जा रहा है। अगले वित्तीय वर्ष में ईआरसीपी कॉर्पोरेशन के माध्यम से 13 हजार करोड रुपए के काम किए जाएंगे।
ये भी होंगे काम
अमृत योजना के तहत प्रदेश के 183 शहरों व कस्बों में पेयजल वितरण व्यवस्था को सुदृढीकरण करने के लिए 5 हजार 122 करोड के काम होंगे। इससे 33 लाख से अधिक पेयजल कनेक्शन से एक करोड़ 43 लाख की आबादी को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
Published on:
10 Feb 2023 07:05 pm
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