
Rajasthan budget 2023 : यह फार्मूला राजस्थान सरकार को भी लागू करना चाहिए
जयपुर। राजस्थान सरकार की ओर से 10 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। यह गहलोत सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी बजट है। इस वर्ष चुनाव होने की वजह से इसे चुनावी बजट भी कहा जा रहा है। बजट से पहले हर वर्ग की ओर से सरकार से मांगें की जा रहीं है। सभी को उम्मीदें है कि सरकार का आखिरी बजट है, इसलिए उनकी मांगें पूरी हो सकती हैं।
चिकित्सा विभाग की बात करें, तो नर्सिंग क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए महीने में दो अतिरिक्त अवकाश देने की मांग उठ रही है। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष खुशीराम मीना का कहना है चिकित्सा क्षेत्र में 80 फीसदी से ज्यादा महिलाएं नर्सिंग का कार्य करती है। इन्हें माहवारी के दौरान असहनीय पीड़ा से गुजरना पड़ता है। इसलिए महीने में दो अतिरिक्त अवकाश दिए जाएं। मीना ने कहा बिहार में कार्य करने वाली महिलाओं को हर महीने दो अतिरिक्त अवकाश दिए जाते हैं। ऐसे में यह फार्मूला राजस्थान सरकार को भी लागू करना चाहिए।
सरकार को भेजा भी जा चुका है प्रस्ताव..
कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान वर्क फ्रोम होम की सुविधा मिल सकती है। राज्य समाज कल्याण बोर्ड ने सरकार को पहले ही यह प्रस्ताव भिजवा दिया है। प्रस्ताव में सरकारी दफ्तरों में काम करने वाली महिलाओं को पीरियड्स के दौरान वर्क फ्रोम होम की सुविधा देने का सुझाव दिया है। इसके लिए सेवा नियमों में बदलाव करके वर्क फ्रोम होम का प्रावधान जोड़ने का सुझाव है। पिछले दिनों राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष अर्चना शर्मा ने विभागीय बैठक ली थी। जिसमें यह प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा गया था।
राजस्थान नर्सेज संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक मनोज दुब्बी का कहना है सरकार से बजट में मांग की गई है कर्मचारियों को पद्दोन्नति में वार्षिक लाभ दिया जाए। नर्सेज का केंद्र के समान पे ग्रेड किया जाए, जिससे वेतन विसंगति दूर हो। नर्सिंग आफिसर भर्ती 2022 में पदों की बढ़ोतरी कर 1289 से 8 हजार की जाए। इस तरह से 11 सूत्री मांगें सरकार से की गई हैं। जो बजट सत्र के दौरान पूरी की जाएं।
Published on:
09 Feb 2023 11:17 am
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