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Petrol-Diesel Price Hike: राजस्थान में अब बढ़ेगा बसों का किराया, यात्रियों की होगी जेब ढीली

बस ऑपरेटर एसोसिएशन राजस्थान की ओर से किराया बढ़ाने की मांग की गई है। एसोसिएशन के संरक्षक सत्यनारायण साहू ने बताया कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर ट्रांसपोर्ट पर है। जिसकी वजह से विभाग से किराया बढ़ाने की मांग की गई है।
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जयपुर

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Manish Chaturvedi

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Updated: 15 May 2026, 1:48 PM IST

Petrol-Diesel Price

जयपुर का पेट्रोल पंप। फोटो: पत्रिका

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते पेट्रोलियम कंपनियों ने तेल के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। प्रदेश में नई दरें लागू हो गई हैं। जयपुर में पेट्रोल की कीमतों में 3 रुपए से ज्यादा का इजाफा हुआ है, वहीं श्रीगंगानगर एक बार फिर प्रदेश का सबसे महंगा शहर बन गया है। बढ़ी तेल की कीमतों के बीच अब राजस्थान में निजी बसों में किराया भी बढ़ेगा। इसके लिए बस ऑपरेटर एसोसिएशन राजस्थान की ओर से किराया बढ़ाने की मांग की गई है। एसोसिएशन के संरक्षक सत्यनारायण साहू ने बताया कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर ट्रांसपोर्ट पर है। जिसकी वजह से विभाग से किराया बढ़ाने की मांग की गई है।

राजधानी में 108 के करीब पहुंचा पेट्रोल

जयपुर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई अचानक बढ़ोतरी ने वाहन चालकों को चौंका दिया है। राजधानी में पेट्रोल अब 107.97 रुपए प्रति लीटर के भाव पर पहुंच गया है, जिसमें प्रति लीटर 3 रुपए 25 पैसे की वृद्धि हुई है। वहीं, डीजल की कीमतों में भी 3 रुपए 02 पैसे का उछाल आया है, जिससे यह 93 रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। अचानक हुए इस बदलाव से सुबह पेट्रोल पंप पहुंचे लोग खासे परेशान नजर आए।

श्रीगंगानगर में रिकॉर्ड दाम, 110 रुपए के करीब कीमत

श्रीगंगानगर में तेल की कीमतें हमेशा से ही प्रदेश में सर्वाधिक रहती हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद यहां पेट्रोल की नई कीमत 109.46 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। डीजल भी यहां 94.74 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर आ गया है। ट्रांसपोर्टेशन चार्ज और अधिक वैट के कारण श्रीगंगानगर के लोगों को जयपुर की तुलना में लगभग 2 रुपए प्रति लीटर ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

दो साल बाद कीमतों में बदलाव

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें मार्च 2024 से लगभग स्थिर बनी हुई थी। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले केंद्र सरकार ने तेल की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती कर जनता को बड़ी राहत दी थी। करीब 2 साल के लंबे अंतराल के बाद यह पहला मौका है जब कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में भी पेट्रोल अब 97.77 रुपए और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर के भाव पर मिलेगा।

क्यों बढ़े दाम: अंतरराष्ट्रीय तनाव और क्रूड का असर

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है। मध्य पूर्व के देशों में जारी युद्ध जैसी स्थिति और तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सीधा असर

डीजल की कीमतों में 3 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि लागत बढ़ने से अब सामान की ढुलाई महंगी होगी, जिसका अंतिम बोझ आम जनता पर ही पड़ेगा। इससे आने वाले दिनों में फल, सब्जी और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की कीमतों में भी उछाल आने की पूरी आशंका है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बजट संतुलित करना अब बड़ी चुनौती बन गया है।

50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल देने की सीमा

तेल कंपनियों ने बिना किसी औपचारिक आदेश के राज्य भर के पेट्रोलियम डीलर्स को संदेश भेजकर पंपों पर अधिकतम 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल देने की सीमा तय कर दी है।

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