
सीएम ने बताया अपनी शादी का राज: जब ससुराल वालों के विरोध पर पिता ने कर दिया इंकार
जयपुर। डॉ भीमराव अंबेडकर की 131वीं जयंति पर गुरुवार को सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से बिड़ला सभागार में आयोजित की गई। समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में चल रही बुलडोजर राजनीति पर जम कर बरसे। वहीं इसके साथ ही उन्होंने अपने जीवन के भी कई राज खोले। उन्होंने अपनी शादी से जुड़ा एक किस्सा भी बताया। जिसमें ससुराल वालों के विरोध पर उनके पिता लक्ष्मण सिंह गहलोत ने बारात ले जाने तक से इंकार कर दिया था।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि छुआछूत समाज के लिए कलंक है। उन्होंने कहा कि जब मैं बड़ा हुआ तो मेरे पिताजी ने मुझे मेरी शादी का किस्सा बताया। पिता ने बताया कि हमारे मोहल्ले में सभी समाजों के लोग रहते थे। उन्होंने सभी को शादी का न्यौता दिया था और बारात में चलने के लिए आमंत्रित किया था। जब ससुराल वालों को इसका पता चला कि बारात में सभी समाजों के लोग आएंगे तो उन्होंने बड़ा एतराज किया।
इस पर मेरे पिता काफी नाराज हुए। उन्होंने ससुराल वालों से साफ कह दिया कि बारात में या तो सभी समाज के लोग आएंगे, अन्यथा मैं बारात लेकर ही नहीं आउंगा। इस पर ससुराल वाले तत्काल उनकी बात मान गए और शादी में सभी समाजों के लोग शरीक हुए। गहलोत ने कहा कि जो संस्कार बचपन में मिलते हैं वे पूरी जिंदगी के संस्कार होते हैं। समारोह में गहलोत ने कहा कि जिंदगी हजार वर्ष की नहीं होती। इसलिए प्रेम से रहो और लोगों को भी भाईचारे से रहने के लिए प्रेरित करो।
Published on:
14 Apr 2022 08:46 pm
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