
राजस्थान में 'सुशासन' के संकल्प को दोहराते हुए भजनलाल सरकार ने कैबिनेट बैठक में विकास और सामाजिक सुधारों का नया खाका पेश किया है। दो संतानों की चुनावी बंदिश को खत्म करने से लेकर अजमेर में नए आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना तक, सरकार ने हर वर्ग को साधने का प्रयास किया है।
कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 और राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है।
भ्रष्टाचार और ठगी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक एकीकृत निदेशालय बनाने का निर्णय लिया है।
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए नई नीति की घोषणा की है।
प्रदेश में भारतीय चिकित्सा पद्धति की अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए दि राजस्थान आयुर्वेद, योग एण्ड नेचुरोपैथी यूनिवर्सिटी, अजमेर विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
इससे केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं राज्य सरकार की आयुष नीति के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकेगा। एक और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना से आयुर्वेद, योग व नेचुरोपैथी, यूनानी, होम्योपैथी आदि के क्षेत्र में शिक्षण, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, प्रदेश के आयुष क्षेत्र में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में केवल जोधपुर में ही आयुर्वेद विश्वविद्यालय संचालित है।
Updated on:
25 Feb 2026, 4:57 PM IST
Published on:
25 Feb 2026, 4:57 PM IST
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