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COAL CRISIS AFFECTED POWER GENERATION राजस्थान में फिर गहराता कोयला संकट

Rajasthan Coal Crisis जयपुर। प्रदेश में फिर से कोयला संकट गहराता नजर आ रहा है। प्रदेश में 7580 मेगावाट के तापीय बिजलीघरों में से 4340 मेगावाट के बिजलीघरों में विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। Power generation affected in power stations इसे लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई। हालांकि अफसर संभावित विकल्प तलाशने में जुटे गए है। एसीएस ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित विकल्पों पर चर्चा की।

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COAL CRISIS AFFECTED POWER GENERATION राजस्थान में फिर गहराता कोयला संकट

COAL CRISIS AFFECTED POWER GENERATION राजस्थान में फिर गहराता कोयला संकट

Rajasthan Coal Crisis जयपुर। प्रदेश में फिर से कोयला संकट गहराता नजर आ रहा है। प्रदेश में 7580 मेगावाट के तापीय बिजलीघरों में से 4340 मेगावाट के बिजलीघरों में विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। Power generation affected in power stations इसे लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई। हालांकि अफसर संभावित विकल्प तलाशने में जुटे गए है। एसीएस ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित विकल्पों पर चर्चा की।

छत्तीसगढ़ में खनन स्वीकृति जारी होने व खनन आरंभ होने तक अन्य खदानों से कोयला आपूर्ति कराने की तैयारी शुरू हो गई है, विदेशों से प्राथमिकता से कोयला की मंगवाने पर भी फोकस है। इसके साथ अन्य प्रदेशों से बिजली खरीद अनुबंध सहित सभी विकल्पों को भी तलाशा जा रहा है। एसीएस ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि राज्य में छत्तीसगढ़ में कोल माइनिंग अनुमति में हो रही देरी के कारण आसन्न कोल संकट के बावजूद प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की सुचारु व्यवस्था बनाए रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए तात्कालीक व दीर्घकालीक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

विदेशों से कोयला मंगवाने की तैयारी....
एसीएस ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि विदेशों से कोयला आयात के लिए राज्य सरकार स्वयं के स्तर से खरीद संभावना के साथ ही केन्द्र सरकार की ओर से सुझायेनुसार एनएसपीसी, एनटीपीसी से भी समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि राज्य के तापीय विद्युत गृहों के लिए जल्दी आयातीत कोयला मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही प्रदेश के निजी क्षेत्र के विद्युत उत्पादकों से भी प्रदेश में अधिक बिजली प्राप्त करने के लिए प्रयास शुरु कर दिए गए हैं।

समन्यवय के लिए ऊर्जा विकास निगम के निदेशक सक्सैना को दी जिम्मेदारी....
एसीएस ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में कोल संकट के दौरान सभी संबंधितों से समन्वय कर संभावित विकल्पों की कार्ययोजना तैयार करने व कोआर्डिनेशन के लिए ऊर्जा विकास निगम के निदेशक पीटी प्रवीण स्वरुप सक्सैना को ओएसडी बनाया गया है। सक्सैना नियमित समीक्षा कर राज्य सरकार को प्रगति से अवगत कराएंगे।

केंद्र के सामने रखा पक्ष....
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की कोयला खदानों में खनन की स्वीकृति मिलने में हो रही देरी को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गंभीर है और ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी के साथ उन्होंने दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार के समक्ष राजस्थान का पक्ष रखा।दिल्ली में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, केन्द्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव, कोल सचिव अनिल कुमार जैन व अतिरिक्त सचिव कोल विनोद तिवारी सहित कोल व रेलवे के शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा कर राजस्थान में कोयला संकट के कारण आसन्न कोयला संकट को देखते हुए राज्य का पक्ष रखा है। केन्द्र सरकार से प्रदेश को कोल इंडिया से अतिरिक्त कोयला आवंटित करने, वैकल्पिक खदान से कोयला उपलब्ध कराने, रेलवे की रैक की उपलब्धता बढ़ाने सहित विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई। केन्द्र सरकार स्तर पर उच्च स्तरीय चर्चा सकारात्मक रही है और केन्द्र सरकार ने सभी संभावित विकल्पों पर सहयोग का विश्वास दिलाया है।