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राजधानी में टूटा पांच साल का रिकॉर्ड, जयपुर सहित तीन जिलों का न्यूनतम तापमान माइनस में

राजस्थान में कड़ाके की सर्दी का प्रकोप, जयपुर जिले का जोबनेर, फतेहपुर और माउंटआबू माइनस में, पाला पड़ने की आशंका से चिन्तित हुए किसान

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राजधानी में टूटा पांच साल का रिकॉर्ड, जयपुर सहित तीन जिलों का न्यूनतम तापमान माइनस में

राजधानी में टूटा पांच साल का रिकॉर्ड, जयपुर सहित तीन जिलों का न्यूनतम तापमान माइनस में

जयपुर। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को दूसरे दिन भी कई जिलों में पारा माइनस में रहा। हिमाचल में हुई बर्फबारी के बाद चल रही उत्तरी हवाओं ने विंड स्ट्रॉम की स्थिति बना दी। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर लगातार दूसरे दिन न्यूनतम पारा माइनस तीन डिग्री रहा। जयपुर जिले के जोबनेर का न्यूनतम तापमान माइनस दो डिग्री दर्ज किया गया। माउंटआबू का पारा जमाव बिंदू से एक डिग्री सेल्सियस नीचे माइनस 1 डिग्री पहुंच गया।

राजधानी में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है। रात का पारा लगातार गिर रहा है। इस बार दिसंबर में सर्दी ने पिछले पांच साल के रिकॉर्ड तोड़े हैं। 2014 के बाद इस दिसंबर सर्दी का असर दिख रहा है। बीती रात न्यूनतम पारा 4 डिग्री दर्ज किया गया है। इससे पहले 2014 में रात का पारा 3.4 डिग्री दर्ज किया गया था। इधर मौसम विभाग ने जयपुर में शनिवार को भी शीतलहर चलने की चेतावनी दी है।


जमीन पर पाला जमना शुरू
पहाड़ी इलाके में मैदान में खड़ी घास में बर्फ जम गई। सोलर प्लेटों, वाहनों की छतों, खेतों, पेड़-पौधों आदि पर भी बर्फ की परत जम गई। कई जगह सोलर प्लेंटें भी टूट गईं। फतेहपुर में बीती मध्यरात्रि से तड़के तक ठंड तो इतनी ज्यादा थी कि जमीन पर पाला जमना शुरू हो गया। उजाला होने तक खेतों में फसलों पर पाला जम चुका था। घास फूस, खेतों की मेढ़ आदि पर बर्फ की सफेदी नजर रही थी। अजमेर में भी वाहनों और घास पर बर्फ जमी दिखी। सीकर जिले में लगातार लगातार दूसरे दिन तक खेतों में बर्फ जमने से सब्जियों में नुकसान का स्तर और बढ़ गया है। कृषि विभाग के मोटे आकलन के कारण कई जगह अगेती फसलों में नुकसान का प्रतिशत सात से 43 प्रतिशत तक आंका जा रहा है।

फसलों को नुकसान
किसान शिशुपाल सिंह का कहना है कि दिन से लगातार जमे पाले से बारानी अगेती सरसों में जो फलियां बन चुकी थी, उनमें बन रहे दाने का पानी हो गया है। जो दो चार दिन में सूखकर काला जाएगा। इसी प्रकार चने की फसल भी काली पड़ गई है। अगर पाला एक दो दिन और पड़ गया तो फसल बर्बाद ही हो जाएगी।