
Rajasthan Congress Crisis
Rajasthan Congress Crisis : जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमों के बीच शुरू हुए सियासी घमासान के चलते राज्य सरकार पर संकट मंडराया हुआ है। ऐसे में कई मंत्री रविवार को अवकाश के दिन भी अपनी फाइलों को निपटाने में व्यस्त दिखे। एक अहम पद पर राजनीतिक नियुक्ति भी दे दी गई। मंत्रियों को डर है कि मुख्यमंत्री बदला या फिर सरकार गई तो उनका पद भी जाएगा। ऐसे में उन कामों की फाइलों को भी निपटाने की प्रक्रिया चली जो लंबे समय से मंत्रियों के दफ्तरों में लंबित पड़ी थी।
सूत्रों के मुताबिक कुछ माह पहले ही राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष पद रिक्त हो गया था। इस पद के लिए आवेदन भी मांगे गए थे, लेकिन आनन-फानन में रविवार को संगीता बेनीवाल को फिर अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। यह पद उन्हें दूसरी बार दिया गया। इस प्रकार कुछ विभागों में तबादले किए गए, तो कहीं बड़े कामों की फाइलों को निपटाया गया। खास बात यह रही है कि मंत्री दफ्तर नहीं गए। यह फाइलें दफ्तरों से अपने घरों पर मंगाकर काम निपटाया गया।
मंत्री-विधायक जयपुर ही जमे
सियासी घमासान में कब कहां खेमेबंदी के लिए मंत्री व विधायकों की जरूरत पड़ जाए। इसके चलते गहलोत-पायलट खेमों की ओर से अपने समर्थक विधायक व मंत्रियों को जयपुर नहीं छोड़ने के लिए कहा गया है। यही वजह है कि कई मंत्री पहले से प्रस्तावित जयपुर से बाहर के कार्यक्रमों में नहीं पहुंचे।
Published on:
27 Sept 2022 02:41 pm
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