24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘मिशन गुजरात’ के लिए काम करेंगे राजस्थान के बड़े नेता, राहुल गांधी ने सौंपी अहम जिम्मेदारी; यहां देखें पूरी लिस्ट

Rajasthan Politics: कांग्रेस पार्टी ने अपने 'संगठन सृजन अभियान' को मजबूत करने के लिए गुजरात की जिला इकाइयों में 43 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Nirmal Pareek

•

Updated: 12 Apr 2025, 6:28 PM IST

Congress Mission Gujarat

Rajasthan Politics: कांग्रेस पार्टी ने अपने 'संगठन सृजन अभियान' को मजबूत करते हुए गुजरात में जिला इकाइयों के पुनर्गठन और सशक्तिकरण के लिए 43 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) पर्यवेक्षकों और 183 प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। यह निर्णय आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ये पर्यवेक्षक जिला कांग्रेस अध्यक्षों के चयन व नियुक्ति की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। हर जिला में एक AICC पर्यवेक्षक के साथ चार PCC पर्यवेक्षकों की एक टीम बनाई गई है। AICC पर्यवेक्षक इस समूह के संयोजक की भूमिका निभाएंगे।

राजस्थान के नेताओं को मिली जिम्मेदारी

गुजरात मिशन के तहत राजस्थान से कई वरिष्ठ नेताओं को AICC पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें हरीश चौधरी, बाबूलाल नागर, अर्जुन बामनिया, नीरज डांगी, हरिश चन्द्र मीणा, भजनलाल जाटव, कुलदीप इंदौरा, धीरज गुर्जर, इंदिरा मीणा, अमीन कागजी, जगदीश जांगिड़ और मनीषा पवार जैसे नेता शामिल हैं। ये सभी नेता गुजरात में विभिन्न जिलों में जाकर संगठन को नया आयाम देने का कार्य करेंगे।

15 अप्रैल को पहली अहम बैठक

सूत्रों के अनुसार, इन पर्यवेक्षकों की पहली बैठक 15 अप्रैल को अरावली जिले में होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इस बैठक में आगे की रणनीति, कार्ययोजना और नियुक्तियों की रूपरेखा तय की जाएगी।

सृजन अभियान को मिल रहा विस्तार

बताया जा रहा है कि यह पूरा अभियान कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए 'संगठन सृजन' मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पार्टी के जमीनी ढांचे को मजबूत करना और जिला अध्यक्षों को संगठन का आधार बनाना है। राहुल गांधी ने भी 9 अप्रैल को अहमदाबाद अधिवेशन में यह स्पष्ट किया था कि अब जिला अध्यक्ष ही संगठन की रीढ़ होंगे।

यह भी पढ़ें : Kirodi Lal Meena: 73 साल की उम्र में 23 साल वाली फुर्ती, कन्हैया दंगल में जमकर नाचे ‘बाबा’; देखें VIDEO