
सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। प्रदेश कांग्रेस में गहलोत-पायलट खेमे की उलझन अभी तक सुलझी नहीं है और इस बीच मंत्रियों में आपसी खींचतान ने पार्टी की चिंता और बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में एक दिन पूर्व हुई मंत्री परिषद की बैठक में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के बीच हुई तीखी नौक-झौंक ने प्रदेश ही नहीं, दिल्ली तक हलचल मचा दी। सूत्रों ने बताया कि धारीवाल-डोटासरा विवाद को लेकर आलाकमान ने रिपोर्ट तलब कर ली है।
सूत्रों के मुताबिक मंत्री परिषद की बैठक में हुए घटनाक्रम और संगठन की गतिविधियों को लेकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने रिपोर्ट मांगी है। इधर, कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे का मामला भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। कांग्रेस में लगभग सभी छोर पर हो रहे विवाद के चलते सत्ता-संगठन के लिए आपसी सामंजस्य को लेकर बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। धारीवाल ने बैठक में ही डोटासरा को कह दिया कि बहुत अध्यक्ष देखे हैं।
मीडिया से बचते रहे डोटासरा-धारीवाल
तकरार के दूसरे दिन गुरुवार को दोनों मंत्री मीडिया से बचते रहे। उनका कोई बयान भी नहीं आया। पार्टी में चर्चा है कि संगठन की गतिविधियों को मंत्रियों की ओर से नहीं मानना भी पार्टी के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है।
यों बिगड़ी थी बात
गौरतलब है कि मंत्री परिषद की बैठक में डोटासरा ने कांग्रेस आलाकमान की ओर से नि:शुल्क वैक्सीन की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम 4 जून को ज्ञापन देने में प्रभारी मंत्रियों के शामिल होने की डोटासरा ने बात कही थी। धारीवाल ने यह कहते हुए विरोध किया कि प्रभारी मंत्री कलक्टरों को ज्ञापन देने क्यों जाएंगे। तकरार इतनी बढ़ी कि डोटासरा बैठक छोड़कर जाने को तैयार हो गए और बैठक के बाद भी सीएमआर में ही दोनों मंत्रियों ने जोर-जोर से एक-दूसरे पर छींटाकशी की। डोटासरा ने यहां तक चेतावनी दे दी कि उनकी शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से करेंगे।
Published on:
03 Jun 2021 10:37 pm
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