
डिजिटल क्लास रूम में पढ़ेगे बच्चे
25 से कम नामांकन वाले 10,315 स्कूल चिह्नित: भाजपा सरकार ने बंद किए थे 20 हजार स्कूल तब कांग्रेस ने किया था विरोध
राज्य में कांग्रेस सरकार भी भाजपा की राह पर चल पड़ी है। प्रदेश में कम नामांकन वाले स्कूलों पर तलवार लटक रही है। सरकार ने राज्यभर में जीरो से 25 नामांकन वाले 10315 स्कूलों को चिह्नित किया है। इनमें से 151 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें जीरो नामांकन है। इनमें जयपुर जिले के करीब छह स्कूल शामिल हैं। कक्षा 1 से पांच तक के स्कूलों को शिक्षा विभाग नजदीकी स्कूलों में मर्ज करेगा। शेष स्कूलों पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में कम नामांकन वाले करीब 20 हजार स्कूलों को मर्ज किया था। उस समय कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने घोषणा पत्र में वादा भी किया था कि भाजपा शासन में मर्ज हुए स्कूलों को फिर से शुरू किया जाएगा। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद करीब पांच हजार स्कूलों को वापस शुरू किया। कांग्रेस सरकार ने सभी मर्ज 20 हजार स्कूलों को शुरू करने का वादा किया था लेकिन चार साल में सरकार वादा पूरा नहीं कर पाई, बल्कि सरकार कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने जा रही है।
ब्लॉक संख्या
आमेर 35
आंधी 20
बस्सी 26
चाकसू 37
दूदू 25
गोविंदगढ़ 77
जालसू 57
जमवारामगढ़ 44
ब्लॉक संख्या
झोटवाड़ा 25
जोबनेर 34
किशनगढ़-रेनवाल 43
कोटखावदा 28
कोटपूतली 48
माधोराजपुरा 28
ब्लॉक संख्या
मौजमाबाद 37
पावटा 38
फागी 33
सांभर 31
सांगानेर 68
शाहपुरा 31
तूंगा 23
विराटनगर 26
सरकार नामांकन वृद्धि का प्रयास करे। कम नामांकन वालों को मर्ज करने के बाद छोटे बच्चों को परेशानी होगी। अंजनी कुमार शर्मा,प्रदेश मंत्री, राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ
जिन स्कूलों का नामांकन शून्य है। ऐसे स्कूलों को मर्ज किया जा सकता है। यह विभाग की प्रक्रिया है। लेकिन सभी कम नामांकन वाले स्कूलों पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।बी.डी. कल्ला, शिक्षामंत्री
Published on:
09 Nov 2022 07:47 pm
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