
sachin pilot with ashok gehlot
गहलोत सरकार के दो मंत्रियों और एक चेयरमैन के पद पर तलवार लटक गई है। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खडगे तीन नेताओं के भविष्य पर फैसला करेंगे। इनमें सीएम गहलोत के दोनों खास शांति धारीवाल और महेश जोशी शामिल है। वहीं तीसरे नेता आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ हैं।
बैठक पर सबकी निगाहें:
नई दिल्ली में होने वाली 23 दिसंबर को होने वाली अहम बैठक पर सबकी निगाहें है। सीएम अशोक गहलोत उस दिन भरतपुर में होंगे और वहीं से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, राजस्थान के नए प्रभारी सुखजिंदर सिंह, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद रहेंगे। इस बैठक में इन तीन नेताओं को नोटिस और अनुशासन समिति की रिपोर्ट के बाद तय किया जाएगा कि इनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा। कांग्रेस आलाकमान ने गहलोत सरकार में मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को पार्टी ने विधायक दल की समानांतर बैठक बुलाने को गंभीर माना था और उन्हें अनुशासनहीनता के मामले नोटिस देकर जवाब मांगा था।
यूं हुआ था घटनाक्रम : राजस्थान कांग्रेस में 25 सितंबर को अभूतपूर्व घटना हुई थी। इस दिन जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी थी और सभी विधायकों को इसमें आना था। सीएम गहलोत उस दिन जैसलमेर गए थे और शाम को आए थे। इसके बाद ही बैठक तय थी। उस दिन गहलोत समर्थक विधायक बैठक में नहीं आकर शांति धारीवाल के घर चले गए थे और उसके बाद सभी ने स्पीकर सीपी जोशी को इस्तीफे दे दिए थे। ऐसे में आलाकमान को अधिकार देने का एक लाइन का प्रस्ताव भी अटक गया था और प्रभारी अजय माकन और पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे अगले दिन दिल्ली लौट गए थे। इसके बाद सीएम गहलोत दिल्ली गए थे और वहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर माफी मांगी थी और कहा कि उन्हें पूरी जिंदगी दुख रहेगा कि वे कांग्रेस आलाकमान के पक्ष में एक लाइन का प्रस्ताव पास नहीं करा सके थे। इसके बाद गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष बनने से भी इन्कार कर दिया था।
आलाकमान ने माना था गंभीर—
राजस्थान में इस मामले को लेकर आलाकमान नाराज हुआ और इसे लेकर तत्कालीन राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेजी थी। इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 10 दिन में जवाब मांगा था। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ ने इसका जवाब भी भेज दिया था। इसके बाद ढाई माह से इस बारे में फैसला अटका हुआ है।
Published on:
20 Dec 2022 02:21 pm
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