
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत प्रति व्यक्ति प्रति दिन राज्य की औसत मजदूरी दर 2022-23 में 190.73 रुपए तक पहुंच गई है, जो कि पिछले पांच वर्षों (2018-19) में प्रति व्यक्ति प्रति दिन औसत मजदूरी दर में सबसे अधिक है। मनरेगा पोर्टल के अनुसार 2021-22 में औसत मजदूरी दर 182.62 रुपए, 2020-21 में 169.51 रुपए, 2019-20 में 144.87 रुपए, 2018-19 में 137.24 रुपए थी।
राज्य के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने केंद्र से मनरेगा योजना के लिए श्रम बजट को संशोधित करने का आग्रह किया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 24 करोड़ का वर्तमान श्रम बजट पहले ही समाप्त हो चुका है। राज्य ने अब तक करीब 27.97 करोड़ कार्यदिवस सृजित किए हैं। जब तक केंद्र द्वारा श्रम बजट को संशोधित नहीं किया जाता है, तब तक योजना के तहत मजदूरों का भुगतान जारी करने में दिक्कत रहेगी।
योजना के तहत, 2021-22 में, 42.42 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए थे, 2020-21 में 46.05 करोड़ मानव दिवस सृजित हुए थे। नरेगा पोर्टल के अनुसार, 2019-20 में, मनरेगा के तहत मानव-दिवस सृजन 32.86 करोड़ था और 2018-19 में, मानव-दिवस सृजन 29.42 करोड़ था। मनरेगा के तहत मानव-दिवस सृजन के मामले में राजस्थान लगातार तीन बार (2018-19 से 2021-22 तक) शीर्ष पर रहा। इस योजना के बजट में कटौती के कारण इस वर्ष 30 करोड़ से थोड़े अधिक मानव—दिवस सृजित हो सकते हैं।
Published on:
30 Jan 2023 11:17 am
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