
जयपुर।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर जारी हुई रिपोर्ट पर गहलोत ( Ashok Gehlot ) सरकार को आड़े हाथ लिया है। अपराध के बढ़ते ग्राफ का ( rajasthan crime Graph ) हवाला देते हुए राजे ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ''राजस्थान में पिछले एक वर्ष में 31% अपराध बढ़ा है। महिलाओं के खिलाफ अपराध में 50% वृद्धि हुई है। यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार के सुशासन के दावों की एक बानगी है। प्रदेश में अपहरण, बलात्कार, हत्या, डकैती, चोरी सहित सभी तरह के अपराधों का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है।''
वहीं एक अन्य ट्वीट में राजे ने लिखा, ''एक वर्ष पहले तक हमारा राजस्थान देश में शांति प्रिय प्रदेश जाना जाता था, लेकिन जैसे ही कांग्रेस ने सत्ता संभाली हर तरफ अपराध व अपराधियों का ही बोलबाला शुरू हो गया। इस सरकार के कुशासन से त्रस्त जनता अब खुद को ठगा हुआ व भयभीत महसूस कर रही है।''
31 फीसदी बढ़े अपराध की गणित ऐसे समझें
बोलते आंकड़े
अपराध -------------- वर्ष 2017 ------------- वर्ष 2018 ----------- वर्ष 2019
हत्या ----------------- 1473 ----------------- 1508 --------------- 1659
हत्या का प्रयास --------- 1588 ---------------- 1659 ---------------- 1905
डकैती ----------------- 47 ----------------- 75 --------------------- 107
लूट ----------------- 972 ------------------ 1022 -------------------- 1421
अपहरण -------------- 5217 ---------------- 5809 -------------------- 8058
बलात्कार -------------- 3305 --------------- 4335 --------------------- 5997
बलवा ---------------- 345 ---------------- 392 ----------------------- 392
नकबजनी -------------- 5022 -------------- 5196 ---------------------- 7182
चोरी ------------------ 27573 ----------- 28875 ---------------------- 40815
अन्य ----------------- 124401 ---------- 123018 --------------------- 157770
डकैती सबसे अधिक बढ़ी
पुलिस मुख्यालय द्वारा वर्ष 2019 के अपराध के आंकडों पर गौर करें तो गत वर्ष सबसे अधिक डकैती की वारदात बढ़ी। डकैती 42.67 प्रतिशत बढ़ी। वहीं दूसरे नंबर पर चोरी की वारदात 41.35 और तीसरे पायदान पर लूट की वारदात 39.04 फीसदी बढ़ी हैं।
सम्पत्ति और महिलाओं से संबंधित बढ़े अपराध
प्रदेश में गत वर्ष दर्ज हुए अपराध पर गौर करें तो सम्पत्ति संबंधित अपराध में बढ़ोत्तरी हुई। डकैती, लूट, चोरी में बढ़ोत्तरी हुई। वहीं महिलाओं से बलात्कार की घटनाए 38.34 फीसदी बढ़ गईं।
पहली बार अपराध की तस्वीर आई सामने
पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने वर्ष 2019 में महकमे के रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष थानों में लोगों की सुनवाई हुई और मुकदमें दर्ज हुए, तब प्रदेशभर में होने वाले अपराधों की स्थिति सामने आई है। वर्ष 2018 में 171889 मुकदमें दर्ज हुए। थानों में फ्री रजिस्ट्रेशन करने से वर्ष 2019 में 53417 प्रकरण अधिक दर्ज हुए और कुल 225306 प्रकरण दर्ज हुए। पुलिस ने वर्ष 2018 के मुकाबले वर्ष 2019 में 46078 अधिक मुकदमों का निस्तारण भी किया।
डीजीपी सिंह ने कहा कि 2019 में पुलिस में गड़बड़ी और अपराधियों से मिलीभगत करने वाले 57 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि 2000 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यलाय स्तर पर 271 पुलिसकर्मियों को नकद ईनाम, 70 पुलिसकर्मियों को विशेष पदोन्नति और 35 को महानिदेशक पुलिस ***** से नवाजा गया। संसाधनों का रिव्यू किया जा रहा है। डीजीपी सिंह ने पहली बार संबंधित विंग के अधिकारी को खुद की उपलब्धि बताने का अवसर दिया।
इंटरनेट बंद की बजाय विकल्प
डीजीपी सिंह ने कहा कि किसी भी घटना के बाद इंटरनेट बंद करवाने की बजाय दूसरे विकल्पों की तलाश करेंगे। उन्होंने इसके लिए एडीजी सुनील दत्त को निर्देश भी दिए।
वर्ष 2018 में 313 और 2019 में मात्र 7 बार साम्प्रदायिक तनाव
कानून व्यवस्था महानिदेशक एमएल लाठर ने बताया कि वर्ष 2019 में अन्य वर्षों की तुलना में कानून व्यवस्था बेहतर रही। प्रदेश में वर्ष 2018 में जहां 313 बार साम्प्रदायिक तनाव हुए। वहीं २०१९ में मात्र सात बार हुए। सालभर में पुलिस को चार बार बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें आसूं गैंग के गोले दागने के अलावा एक बार रबड़ की बुलेट चलानी पड़ी और एक बार हवाई फायर करना पड़ा। उन्होंने कहा कि नए साल में कानून व्यवस्था और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
आमजन के सहयोग से बड़ी संख्या में पकड़े अपराधी
अतिरिक्त महानिदेशक (अपराध) बीएल सोनी ने कहा कि वर्ष 2019 में अभियान चलाकर करीब सवा तीन हजार वांटेट गिरफ्तार किए। इसके अलावा 470 इनामी अपराधी, 1284 भगौड़े, 160 घोषित अपराधी, 15721 स्टैंडी वारंटी पकड़े गए। पौने दो लाख गिरफ्तारी वारंट तामिल करवाए गए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ, लेकिन सीमित संसाधनों से पुलिस ने करीब 54 हजार लोगों की अधिक सुनवाई की और 46 हजार अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया।
सबसे अधिक लाभ महिला व कमजोर वर्ग को मिला
अति. महानिदेशक पुलिस सिविल राइट्स डॉ. आर.पी. मेहरडा ने कहा कि राज्य सरकार स्तर पर मुख्य सचिव हर सप्ताह पोक्सो के मामलों में साप्ताहिक मॉनिटरिंग करते हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के सही आंकड़े वर्ष 2019 में सामने आए हैं। सभी शिकायत पर रजिस्ट्रेशन का लाभ महिलाओं और कमजोर वर्ग को मिला है। सोशल मीडिया के जरिए भी महिला अपराध की सूचना दे सकते हैं। आंगनबाड़ी और साथिन कर्मचारियों से संपर्क कर महिला के खिलाफ होने वाले अपराध के संबंध में जागरूक करेंगे। कानून की जानकारी बताई जा रही है। विशेष पुलिस विंग जिलों में काम कर रही है।
महिलाएं डायल करें 112 तो मिलेगी सहायता
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (तकनीकी एवं दूरसंचार) सुनील दत्त केन्द्र सरकार का डायल 112 ऐप को डाउनलोड करें, इसके जरिए इमरजेंसी सर्विस प्राप्त कर सकते हैं। पायलेट स्टेडी भिवाड़ी, अलवर और भरतपुर में दस, पन्द्रह और बीस मिनट में कैसे पहुंचे, इसके लिए कैसे संसाधन की जरूरत है, आने वाले समय में आमजन को रेस्पोंस दे सकें। सीसीटीएनस क्राइम एंड क्रीमिनल ट्रैकिंग सिस्टम है। सभी स्टेट के अपराध की जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि अनुसंधान को डिजिटल किया जा रहा है। इससे बयान बदलने के आरोप में कमी आएगी।
Updated on:
07 Jan 2020 02:41 pm
Published on:
07 Jan 2020 02:37 pm
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