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राजस्थान दिवस विशेष: एक बार नहीं, प्रदेश में 4 बार लग चुका है राष्ट्रपति शासन, जानें मुख्यमंत्री कार्यकाल की रोचक बातें

Rajasthan Diwas Special : President Rule and Chief Ministers Tenure Interesting Facts : राजस्थान दिवस के मौके पर आज सूबे के गौरवपूर्ण इतिहास को याद किया जा रहा है। इसी क्रम में आपको बता रहे हैं राजस्थान के अब तक रहे मुख्यमंत्रियों और उनके कार्यकाल के बारे में।  

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Rajasthan Diwas Special President Rule Chief Ministers Tenure Facts

जयपुर।

राजस्थान आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। वर्ष 1949 को आज ही के दिन जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय होकर 'वृहत्तर राजस्थान संघ' बना था। राजस्थान दिवस के इस ख़ास दिन राजस्थान के लोगों की वीरता, दृढ़ इच्छाशक्ति और बलिदान को नमन किया जाता है। यहां की लोक कलाएं, समृद्ध संस्कृति, महल, व्यंजन के अलावा भी ऐसे कई पहलू हैं जो दुनिया भर में राजस्थान प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाते हैं।

वहीं राजस्थान के स्थापना और अस्तित्व में आने के बाद से सियासत के भी कई रंग-रूप देखने को मिले। सत्ता हासिल की सियासी जंग के बीच कभी सुखद राजनीति की तस्वीर भी देखने को मिली, तो कुछ घटनाएं ऐसी भी हुईं जब इस प्रतिस्पर्धा में दलों के बीच टकराव भी चरम पर पहुंचा। प्रदेश के सियासी सफर की ख़ास बात ये भी रही कि यहां एक बार नहीं, बल्कि चार बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया।

राजस्थान दिवस के मौके पर आज सूबे के गौरवपूर्ण इतिहास को याद किया जा रहा है। इसी क्रम में आपको बता रहे हैं राजस्थान के अब तक रहे मुख्यमंत्रियों और उनके कार्यकाल के बारे में।

राजस्थान ने अब तक 25 मुख्यमंत्री कार्यकाल देखे हैं। स्थापना के बाद प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ भारतीय कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हीरालाल शास्त्री को। शास्त्री ने 7 अप्रेल 1949 को राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री की कमान संभाली और वे 5 जनवरी 1951 तक इस महत्वपूर्ण पद पर काबिज़ रहे।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहनलाल सुखाड़िया को सबसे ज़्यादा चार बार मुख्यमंत्री रहने का गौरव हासिल है।उन्होंने 1954 से 1971 तक सर्वाधिक समय लगभग 17 वर्ष तक राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर कार्य किया। सुखाड़िया ने पहली बार 13 नवम्बर 1954 से 11 अप्रेल 1957 तक, दूसरी बार 11 अप्रेल 1957 से 11 मार्च 1962 तक, तीसरी बार 12 मार्च 1962 से 13 मार्च 1967 तक और चौथी और अंतिम बार 26 अप्रेल 1967 से 9 जुलाई 1971 तक मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभाली। सुखाड़िया को आधुनिक राजस्थान का निर्माता कहा जाता है। बाद में वे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के राज्यपाल भी रहे।

राजस्थान में अब तक ऐसे कई मौके आए, जब मुख्यमंत्री पद पर नेताओं के चेहरे रिपीट हुए। ऐसे नेताओं की फहरिस्त में सबसे पहले नाम आता है मोहनलाल सुखाड़िया का, जो चार बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे। इनके अलावा हरिदेव जोशी, भैरोंसिंह शेखावत और अशोक गहलोत तीन बार मुख्यमंत्री रहे। इसी तरह से जय नारायण व्यास, शिवचरण माथुर और वसुंधरा राजे सिंधिया को दो-दो बार मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ।

राजस्थान में चार मौके ऐसे आए जब राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ गया। सबसे पहला राष्ट्रपति शासन 13 मार्च 1967 से लगाया गया जो 26 अप्रेल 1967 तक चला। लगभग 42 दिनों का ये राष्ट्रपति शासन सबसे छोटा राष्ट्रपति शासन माना गया है। इसके बाद दूसरा राष्ट्रपति शासन 29 अगस्त 1973 से 22 जून 1977 तक, तीसरा 16 मार्च 1980 से 6 जून 1980 तक और चौथा राष्ट्रपति शासन 15 दिसम्बर 1992 से 4 दिसम्बर 1993 तक लागू रहा।

17 दिसम्बर 2018 पदस्थ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस