22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Chunav 2023 : पुराने चेहरों पर दाव या नए विकल्प की तलाश

भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़ के सीट बदलने को लेकर चर्चा में आए चूरू जिले में कांग्रेस में चार और भाजपा में दो सीटों पर पशोपेश की िस्थति बनी है। इनमें दोनों ही प्रमुख दल पुराने चेहरों पर फिर से दांव खेलेंगे या फिर विकल्प की तलाश की जा रही है। कार्यकर्ता समझ नहीं पा रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के भाजपा में आने की चर्चा ने सादुलपुर और सरदारशहर में नया सगूफा छोड़ दिया है।

3 min read
Google source verification
Rajasthan Chunav 2023

Rajasthan Chunav 2023

Rajasthan Chunav 2023 : भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़ के सीट बदलने को लेकर चर्चा में आए चूरू जिले में कांग्रेस में चार और भाजपा में दो सीटों पर पशोपेश की िस्थति बनी है। इनमें दोनों ही प्रमुख दल पुराने चेहरों पर फिर से दांव खेलेंगे या फिर विकल्प की तलाश की जा रही है। कार्यकर्ता समझ नहीं पा रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के भाजपा में आने की चर्चा ने सादुलपुर और सरदारशहर में नया सगूफा छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री की सरदारशहर सभा में किए गए संकेत के बावजूद कांग्रेस की पहली लिस्ट में वर्तमान विधायक और पिछले चुनाव में दांव आजमाने वाले नेताओं का नाम नहीं आना विकल्प की तलाश माना ता रहा थाए लेकिन रविवार शाम कांग्रेस की सूची में कांग्रेस ने अनिल शर्मा को फिर मौका दे दिया है। ऐसे में अंतिम समय तक जोर लगाने के मंत्र के साथ दोनों ही पार्टियों के दावेदार घर छोड़कर जयपुर से दिल्ली तक जोर लगा रहे हैं।

चूरू : दावेदारों की लम्बी सूची कांग्रेस के लिए बनी चुनौती
चूरू विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने हरलाल सहारण के नाम की घोषणा कर दीए लेकिन कांग्रेेस में दावेदारों की लम्बी सूची बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि वर्ष 2018 में करीब 18 सौ मतों से हारने वाली कांग्रेस में रफीक मंडेलिया स्वयं को सशक्त दावेदार के रूप पेश कर रहे हैं। लेकिन पहली सूची में नाम नहीं आने का प्रमुख कारण आपसी गुटबाजी और स्थानीय को टिकट देने की मांग को माना जा रहा है। यहां से राजस्थान महिला अयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज, रियाजत खान, तनवीर खान और मुस्ताक खान सहित 31 लोगों ने कांग्रेस की टिकट के लिए आवेदन पेश किया था। चूरू में कांग्रेस सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट में भी बटी हुई है। वहीं यहां स्थानीय स्तर पर कई धड़े हैं। चूरू में भाजपा के लिए संतोष की बात यह है कि टिकट को लेकर कोई असंतोष नहीं है। क्योंकि भाजपा के प्रत्याशी हरलाल सहारण पार्टी के दिग्गज नेता राजेन्द्र राठौड़ के करीबी है।

तारानगर : राठौड़ का मुकाबला किससे होगा
कांग्रेस की पहली सूची में वर्तमान विधायक नरेंद्र बुडानिया का नाम नहीं आना चर्चा का विषय है। लोगों में चर्चा है कि सीट बदलने वाले राजेन्द्र राठौड़ (Rajendra Rathore) का तारानगर में मुकाबला बुडानिया से होगा या फिर कोई अन्य नेता उनके सामने आएगा। वजह है कि यहां पर कांग्रेस में लम्बे समय से स्थानीय को टिकट देने का मुद्दा चल रहा है। पर्यवेक्षक और प्रभारियों के समक्ष स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्थानीय को टिकट देने की मांग पुरजोर तरीके से रखी है। इसकी एक वजह यह भी मानी जा रही है कि कांग्रेस राठौड़ घेरने के मूंड में हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द डोटासरा और राठौड़ के बीच पिछले दिनों चले वाक युद्ध में राठौड़ ने उन्हें चुनौती भी दी थी।

सरदारशहर में अनिल शर्मा को फिर मौका
कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे पंडित भंवरलाल शर्मा (Pandit Bhanwar Lal Sharma) के गढ़ में कांग्रेस ने रविवार शाम जारी सूची में अनिल शर्मा को फिर मौका दिया है। उप चुनाव में विधायक बने अनिल शर्मा को राजनीति विरासत में मिली है। आचार संहिता लगने के साथ ही भंवरलाल शर्मा की प्रतिमा के अनावरण समारोह में आए मुख्यमंत्री ने अनिल को टिकट देने का संकेत दिया था। लेकिन कांग्रेस की पहली सूची में उनका नाम नहीं देखकर लोगों को आश्चर्य हुआ। यहां आरएलपी की भी जड़े गहरी है। उपचुनाव में आरएलपी के प्रत्याशी ने करीब 46 हजार वोट लिए थे। यहां पर दिग्गज नेता चंदनमल बैद के पुत्र डॉ चन्द्रशेखर बैद के भाग्य आजमाने के प्रयास की भी खूब चर्चा है। चंदनमल बैद यहां से विधायक रह चुके हैं।

रतनगढ़ में भाजपा ने दिया उम्मीदवार कांग्रेस का इंतजार
रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने विधायक अभिनेश महर्षि को दूसरी बार मैदान में उतारा हैए लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को यहां से उम्मीदवार का इंतजार है। कांग्रेस यहां भाजपा के गढ़ को ध्वस्त करने की जुगत में है। कांग्रेस की ओर से यहां कई दावेदार हैए लेकिन जिताउ उम्मीदवार कौन हो सकता है। इसे लेकर असमंजस बना हुआ है।

सुजानगढ़ में भाजपा कांग्रेस में होगा आमना सामना
सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र सुजानगढ़ में कांग्रेस ने मनोज मेघवाल को और भाजपा ने प्रधान संतोष अहलावत को टिकट दिया है। इनका चुनाव में आमना-सामना हो गया, लेकिन पिछले उप चुनाव में आरएलपी ने अपना उम्मीदवार बनाकर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया था। इस बार आरएलपी किसे टिकट देती है। इस पर कयासों का दौर चल रहा है।

सांसद के गृहनगर में उलझी भाजपा
भाजपा के सांसद राहुल कस्वां (Churu MP Rahul Kaswan) के गृहनगर में सादुलपुर में भाजपा उलझ गई है। पूर्व सासंद रामसिंह कस्वां और राजेन्द्र राठौड़ के बीच तल्खी तो जगजाहिर है। भाजपा की ओर से दूसरी सूची में अपना उम्मीदवार तय नहीं करने पर लोग तरह तरह के कयास भी लगा रहे हैं। किसी कांग्रेस परिवार के सदस्य को भाजपा में शामिल होने की हवा भी चल रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर भाजपा नेता मौन है। राजनीति के जानकार दावा भी कर रहे हैं कि भाजपा इस बार किसी नए चहरे को मैदान में उतार सकती है। दूसरी ओर कांग्रेस ने वर्तमान विधायक कृष्णा पूनियां को मैदान में उतारकर अपनी तस्वीर साफ कर दी है। जबकि बसपा से पूर्व विधायक मनोज न्यांगली का तीसरी बार सादुलपुर विधानसभा से चुनाव लडऩा तय है। भाजपा इस बार हर हाल में सादुलपुर पर फतह हासिल करने का प्रयास कर रही है।