सूत्रों की माने तो दोनों ही विधायकों के यहां एंटी-इनकम्बेंसी ज्यादा है। कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता की भी नाराजगी इन्हें झेलनी पड़ रही है, जिसके चलते इन मंत्रियों को अपने विधानसभा क्षेत्र में हार का डर सता रहा है। बताया जा रहा है कि इसी को देखते हुए मंत्रियों ने सुरक्षित सीटों पर नजर गढ़ा दी है।