
राजकुमार शर्मा/जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव आचार संहिता की घोषणा के बाद से अब तक नाकाबंदी और गश्त के दौरान सड़क-रेल मार्ग से लाया गया करोड़ों रुपए का सोना-आभूषण जब्त किया जा चुका है। वैध बिल पेश नहीं किए जाने के कारण इसे आयकर विभाग ने सरकारी खजाने में जमा कर दिया। व्यापारियों को चुनाव के कारण करवा चौथ, धनतेरस और देवउठनी एकादशी पर प्रदेशभर में 20 हजार करोड़ व राजधानी में 6 हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। आचार संहिता के दौरान धरपकड़ से बचने के लिए व्यापारियों ने मुंबई सहित देश के अन्य शहरों से मंगाए जाने वाले सोने व आभूषणों को लेकर अपनी रणनीति बदल दी है।
त्योहारी सीजन में शादी की खरीदारी
करवा चौथ, धनतेरस और दिवाली के साथ ही देवउठनी एकादशी (23 नवंबर) के अबूझ सावे के लिए नवरात्र से दिवाली के मध्य सोना-चांदी की खरीद होती है। नवरात्र की शुरुआत के साथ ही सोना-चांदी के कारोबारियों को अच्छे व्यापार की उम्मीद थी। प्रदेशभर में 20 हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित होगा।
छोटे कारोबारी भी कम मंगा रहे माल
राजधानी से आस-पास के कस्बों और शहरों के कारोबारी जयपुर से ही सोना-चांदी खरीद कर ले जाते हैं। रास्ते में निर्वाचन विभाग के अधिकारी इनसे सामान के वैध बिल पेश करने को कहते हैं। बिल न होने पर कई बार माल भी जब्त कर लिया जाता है। इस कारण ये कारोबारी भी कम माल मंगवा रहे हैं।
दिवाली के सीजन में त्योहारी खरीदारी के साथ शादियों के लिए जेवरात की खरीदारी होती है। गांवों-कस्बों से लोग अभी भी नकद राशि लेकर ही खरीदारी के लिए शहर आते हैं। निर्वाचन विभाग और पुलिस की कार्रवाई के डर से लोग रुपए साथ लेकर नहीं निकल रहे हैं। लोगों के पास ऐसा कोई सबूत नहीं होता है, जिससे पुलिस को यह बताया जा सके कि नकदी निजी खरीदारी के लिए है। ऐसे में ज्वैलरी मार्केट पर आचार संहिता का दुष्प्रभाव पडे़गा।
जगदीश सोमानी, सचिव, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स
Published on:
29 Oct 2023 04:10 pm

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