
जयपुर। Rajasthan Biomass Power Plant: राजस्थान के बीकानेर जिले की नोखा तहसील के जसरासर नाॅर्थ एवं चुरू जिले की सरदारशहर तहसील के मालसर गांव में निजी कम्पनी के माध्यम से बायोमास पावर प्लांट लगाए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि प्लांट लगाने वाली कम्पनी बिजली बनाने के लिए राॅ मेटेरियल के रूप में सरसों की तूड़ी और काॅटन वेस्ट जैसे अनुपयोगी फसल अवशेष का उपयोग करेगी। दोनों प्लांट में 14.9-14.9 मेगावाट बिजली उत्पादित की जाएगी। यह दोनों प्लांट आगामी 36 महीने में तैयार होकर बिजली पैदा करना शुरू कर देगें। यहां बनने वाली बिजली की आपूर्ति राज्य सरकार को दी जाएगी।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य की अध्यक्षता में गुरुवार को स्टेट लेवल एम्पॉवर्ड कमेटी (एसएलईसी) की बैठक में बीकानेर एवं चूरू जिलों में दो बायोमास पावर प्लांट लगाने का अनुमोदन किया गया। निजी कम्पनी राज्य में 14.9-14.9 मेगावाट क्षमता के 6 बायोमास प्लांट लगा रही है, जिसमें से बीकानेर जिले के छतरगढ़ में एक प्लांट लगाने की अनुमति इसी साल जून में जारी हो चुकी है। इसके अलावा इस साल अन्य कम्पनियों को फागी (जयपुर), देवली (टोंक) एवं बागीदौरा (बांसवाड़ा) में कुल 22 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगाने की अनुमति दी गई है। उल्लेखनीय है कि अक्षय ऊर्जा विकास निगम के प्रयासों से राज्य में अब तक बायोमास से बिजली पैदा करने की 120 मेगा वाट क्षमता सृजित की जा चुकी है, जबकि लगभग 200 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगना विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है।
स्टेट लेवल एम्पॉवर्ड कमेटी (एसएलईसी) की बैठक में वन एवं पर्यावरण विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा, राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के सीएमडी भास्कर ए सावंत, जल संसाधन विभाग के शासन सचिव डॉ. पृथ्वीराज, रीको के एमडी आशुतोष एटी पेड़णेकर, बीकानेर जिला कलक्टर नमित मेहता एवं चूरू जिला कलक्टर सांवरमल वर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल थे।
Published on:
21 Oct 2021 04:28 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
