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Rajasthan Power Crisis बिजली घरों में बढ़ा विद्युत उत्पादन… अब यूं फोकस

Rajasthan Power Crisis प्रदेश के बिजली घरों में अब 7330 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। कोल संकट के दौरान विद्युत उत्पादन घटकर 3465 मेगावाट हो गया था। हालांकि फिर से कोल संकट को देखते हुए Rajasthan Electricity Generation Corporation अब मुख्य फोकस तापीय विद्युत गृहोें के साथ ही हाइड्रों व अन्य तकनीक पर आधारित Power Generation परियोजना पर है।

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Rajasthan Power Crisis बिजली घरों में हो रहा 7330 मेगावाट विद्युत उत्पादन

Rajasthan Power Crisis बिजली घरों में हो रहा 7330 मेगावाट विद्युत उत्पादन

Rajasthan Power Crisis प्रदेश के बिजली घरों में अब 7330 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। कोल संकट के दौरान विद्युत उत्पादन घटकर 3465 मेगावाट हो गया था। हालांकि फिर से कोल संकट को देखते हुए Rajasthan Electricity Generation Corporation अब मुख्य फोकस तापीय विद्युत गृहोें के साथ ही हाइड्रों व अन्य तकनीक पर आधारित विद्युत उत्पादक परियोजना पर है। इसे लेकर ऊर्जा विभाग के एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने मंगलवार को विद्युत भवन में राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए।

एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि प्रदेश में अब कोयला आधारित तापीय विद्युतगृहों से 7330 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने लगा है, जबकि कोयला संकट के दौरान बिजली उत्पादन स्तर कम होकर 3465 मेगावाट तक आ गया था। इस समय तकनीकी कारण से केवल छबड़ा की एक इकाई में 250 मेगावाट का बिजली का उत्पादन नहीं हो रहा है।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों को समय की मांग और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए तापीय विद्युत गृहोें के साथ ही हाइड्रों व अन्य तकनीक पर आधारित विद्युत उत्पादक परियोजना की कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कोयले पर निर्भरता कम होने, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और विद्युत उत्पादन लागत को कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग के पास इस तरह की रिसर्च टीम विकसित होनी चाहिए, जो देश दुनिया में विद्युत उत्पादन की आ रही नई तकनीकों का अध्ययन कर प्रदेश के लिए उपयोगी परियोजनाओं का खाका तैयार कर सके। एसीएस ने कहा कि हमें प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करानी है तो बिजली उत्पादन की लागत को कम करने के भी गंभीर प्रयास करने होंगे।

इसलिए आया कोल संकट...
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी आरके शर्मा ने बताया कि राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम की प्रदेश में थर्मल, गैस, हाईड्रल और लिग्नाइट आधारित विद्युत उत्पादन की 8597 मेगावाट क्षमता स्थापित है। उन्होंने बताया कि इनमें से 7580 मेगावाट के थर्मल आधारित विद्युत तापीय गृह स्थापित है। केाल संकट के दौरान प्रदेश में दोहरा संकट आ गया था, एक ओर कोयले की कमी के कारण इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हो रहा था तो दूसरी और तकनीकी व अन्य कारणों से कई यूनिटों मेें उत्पादन नहीं हो रहा था।

अनावश्यक खर्चों को कम करने के प्रयास...
सीएमडी शर्मा ने बताया कि प्रदेश की एक इकाई को छोड़कर लगभग सभी इकाइयों में विद्युत उत्पादन होने लगा है। नई तकनीकवाली यूनिट की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है वहीं अनावश्यक खर्चों को सीमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ये रहे मौजूद...
बैठक में संयुक्त सचिव ऊर्जा आलोक रंजन, निदेशक विद्युत उत्पादन निगम सोरल, उत्पादन निगम के देवेन्द्र श्रृंगी सहित वित्त व अन्य अनुभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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