
दो दिन में 870 मेगावाट की इकाइयों से बिजली उत्पादन शुरू
Rajasthan Electricity Generation Corporation जयपुर। प्रदेश में गर्मियों में बिजली की मांग को देखते हुए राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम प्रशासन सक्रिय हो गया है। निगम प्रशासन ने पिछले दो दिन में ही 870 मेगावाट की बिजली उत्पादन यूनिटें चालू कर दी। अब प्रदेश में 6475 मेगावाट क्षमता की बिजली उत्पादन इकाइयां बिजली उत्पादन कर रही है। हालांकि 1105 मेगावाट की बिजली उत्पादन यूनिटें अभी भी बंद है।
सूरतगढ़ सुपरक्रिटिकल विद्युत गृह की 660 मेगावाट क्षमता की यूनिट संख्या 7 बंद है। निगम अधिकारियों की मानें तो जनरेटर ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने से अभी 1-2 माह यह यूनिट बन्द रहेगी। वहीं छबड़ा तापीय विद्युत गृह की क्षतिग्रस्त ईएसपी से प्रभावित 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट संख्या 4 भी बंद है। हालांकि इसे आंशिक क्षमता पर चलाकर विद्युत उत्पादन करने के प्रयास किये जा रहे हैं। जबकि कोटा तापीय विद्युत गृह की 195 मेगावाट क्षमता की यूनिट संख्या 7 भी बंद है, हालांकि निगम अधिकारियों की मानें तो इस यूनिट से विद्युत उत्पादन आज ही प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
870 मेगावाट की ये यूनिटें चालू
कोटा थर्मल की यूनिट संख्या 3 से 210 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। छबड़ा सुपर क्रिटिकल की यूनिट संख्या 5 भी सोमवार को चालू हो गई, इस यूनिट से 660 मेगावाट क्षमता से उत्पादन प्रारंभ हो गया है।
6475 मेगावाट क्षमता की यूनिटें कर रही बिजली उत्पादन
सीएमडी आर.के. शर्मा ने बताया कि राज्य की विद्युत मांग को पूर्ण करने के लिए राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम प्रशासन की निरंतर मॉनिटरिंग और विद्युतगृहों के कर्मचारियों के अथक प्रयासों से 6475 मेगावाट क्षमता की इकाइयां विद्युत उत्पादन कर रही है। निरन्तर प्रयासों से वर्तमान में कोयला आधारित विद्युत गृहों की 6475 मेगावाट क्षमता की यूनिटें उत्पादन कर रही है और 1105 मेगावाट की यूनिटें तकनीकी खराबी के कारण बंद है।
Published on:
29 Mar 2022 12:14 pm
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