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Rajasthan: चुनाव के कारण नहीं बढ़ेगी बिजली दर, 15-20 पैसे यूनिट फ्यूल सरचार्ज का प्रस्ताव

चुनावी साल में बिजली दर नहीं बढ़ेगी। तीनों डिस्कॉम ने राज्य विद्युत विनियामक आयोग में टैरिफ पीटिशन दायर कर दी है। इसमें बिजली दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं हैं। हालांकि, हर माह बिल में फ्यूल सरचार्ज के 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट जोड़ने, 50 केवीए अधिक क्षमता वाले घरेलू उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज बढ़ाना प्रस्तावित किया गया है। खास यह है कि जयपुर, जोधपुर और अजमेर तीनों डिस्कॉम का आगामी वित्तीय वर्ष में 977 करोड़ रुपए का मुनाफा होने का आकलन किया है।

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चुनावी साल में बिजली दर नहीं बढ़ेगी। तीनों डिस्कॉम ने राज्य विद्युत विनियामक आयोग में टैरिफ पीटिशन दायर कर दी है। इसमें बिजली दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं हैं। हालांकि, हर माह बिल में फ्यूल सरचार्ज के 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट जोड़ने, 50 केवीए अधिक क्षमता वाले घरेलू उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज बढ़ाना प्रस्तावित किया गया है। खास यह है कि जयपुर, जोधपुर और अजमेर तीनों डिस्कॉम का आगामी वित्तीय वर्ष में 977 करोड़ रुपए का मुनाफा होने का आकलन किया है।

सवाल यह है कि यदि आयोग ने अधिकतम 15 प्रतिशत तक ही विद्युत लॉस की अनुमति दी तो यह मुनाफा केवल कागजों में सीमित रह जाएगा। क्योंकि, अभी पिछले वर्षों में आयोग ने पन्द्रह प्रतिशत से ज्यादा लॉस की अनुमति नहीं दी।

यह भी प्रस्तावित

50 केवीए क्षमता से अधिक विद्युत भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर फिक्स चार्ज बढ़ सकता है। अभी इनसे फिक्स रूप में 400 रुपए प्रति माह ले रहे हैं, अब डिमांड अनुरूप लेने का प्रस्ताव है। प्रबंधन का तर्क है कि इनके लिए बड़ा विद्युत तंत्र विकसित करना पड़ता है, जबकि फिक्स चार्ज सामान्य उपभोक्ता के अनुरूप ही ले रहे हैं। सीजनल संचालित होने वाली फैक्ट्री, उद्योगों से अभी 4 माह तक फिक्स चार्ज 25 प्रतिशत ही ले रहे हैं। अब इस छूट को खत्म करना प्रस्तावित किया गया है।

आकलन: जयपुर व अजमेर में मुनाफा, जोधपुर घाटे में

जयपुर डिस्कॉम- 213 करोड़ तथा अजेमर डिस्कॉम- 1073 करोड़ रुपए मुनाफा

जोधपुर डिस्कॉम- 309 करोड़ रुपए का घाटा (वित्तीय वर्ष 2023-24 के आधार पर)

फ्यूल सरचार्ज

अभी फ्यूल सरचार्ज की गणना हर तीन माह में होती है। यह राशि भी उपभोक्ताओं से ली जाती है। अब हर माह बिल में सरचार्ज राशि जोड़ना प्रस्तावित किया गया है। इसकी गणना पिछले वर्षों में लिए गए सरचार्ज राशि के औसत आधार पर की जाएगी। यह करीब 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट आएगा। यदि वर्ष के अंत में कुल फ्यूल सरचार्ज राशि कम आई तो उपभोक्ता को अंतर राशि लौटाई जाएगी। यदि ज्यादा आती है तो बाकी की राशि लेंगे। हालांकि, इससे अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा। डिस्कॉम अधिकारियों का तर्क है कि औद्योगिक संस्थानों ने इसकी मांग की है।